3 नवंबर 2026 : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अग्निवीरों के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि सेना में चार साल की सेवा पूरी करके लौटने वाले युवाओं को राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इन पदों पर अग्निवीरों को भर्ती परीक्षा दिए बिना सीधे नियुक्ति का अवसर मिलेगा। इस व्यवस्था में पुलिस, प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC), होमगार्ड, वन विभाग और कारागार विभाग सहित अन्य विभाग शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री ने सोमवार, 2 नवंबर को गोंडा जिले के गौरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि सेना में सेवा के दौरान अग्निवीर अनुशासन, प्रशिक्षण और सुरक्षा से जुड़ा अनुभव हासिल करते हैं। राज्य सरकार इस अनुभव का उपयोग प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सेवाओं को मजबूत करने में करना चाहती है।
पुलिस, PAC और कारागार विभाग में मिलेगा अवसर
सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने के बाद वापस आने वाले अग्निवीरों को प्रदेश के विभिन्न विभागों में 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। इनमें उत्तर प्रदेश पुलिस, PAC, होमगार्ड, वन विभाग और कारागार विभाग शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इन युवाओं को सरकारी नौकरी के लिए परीक्षा नहीं देनी होगी और सरकार उन्हें सीधे भर्ती करके नियुक्ति देगी। हालांकि, विभागवार पदों की संख्या, चयन प्रक्रिया की विस्तृत शर्तें और नियुक्तियों का कार्यक्रम अलग से स्पष्ट होना बाकी है।
चार साल की सैन्य सेवा के बाद रोजगार का अवसर
केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के तहत युवाओं को सेना में चार साल के लिए अग्निवीर के रूप में भर्ती किया जाता है। इस अवधि में प्रशिक्षण के साथ सैन्य सेवा का अनुभव दिया जाता है। चार साल पूरे होने के बाद अधिकतर अग्निवीर सेवा से बाहर आते हैं और उनके सामने आगे रोजगार तलाशने की चुनौती होती है।
योगी सरकार की घोषणा का उद्देश्य ऐसे युवाओं को राज्य की सरकारी सेवाओं में अवसर उपलब्ध कराना है। इससे सैन्य प्रशिक्षण और अनुभव प्राप्त कर चुके युवाओं को पुलिस तथा अन्य सुरक्षा संबंधी विभागों में काम करने का रास्ता मिल सकता है।
पहले भी घोषित हो चुका है आरक्षण
उत्तर प्रदेश सरकार इससे पहले भी पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों में 20 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था घोषित कर चुकी है। जून 2025 में राज्य कैबिनेट ने पुलिस, PAC, माउंटेड पुलिस और अग्निशमन सेवाओं में सीधी भर्ती के लिए पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
सितंबर 2026 में कैबिनेट ने जेल वार्डर और परिवहन विभाग के प्रवर्तन सिपाही पदों की सीधी भर्ती में भी पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इन भर्तियों में आयु सीमा में छूट का भी प्रावधान किया गया था।
अब गोंडा की जनसभा में मुख्यमंत्री ने होमगार्ड और वन विभाग सहित अन्य विभागों में भी अवसर देने तथा परीक्षा के बिना सीधी नियुक्ति की बात कही है। इन घोषणाओं को लागू करने के लिए विभागवार नियम और भर्ती संबंधी अधिसूचनाएं महत्वपूर्ण होंगी।
एक लाख युवाओं को नौकरी देने का लक्ष्य
जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में रोजगार के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि सरकार ने अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य रखा है। उनके मुताबिक, 12 से 15 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में उपनिरीक्षकों और कांस्टेबलों के साथ-साथ होमगार्डों की भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा और अन्य सरकारी विभागों में भी नियुक्तियों की प्रक्रिया जारी है।
भर्ती के नियमों पर रहेगी नजर
अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण और बिना परीक्षा सीधी नियुक्ति देने की घोषणा से सेना में सेवा पूरी करने वाले युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि, पात्रता, विभागवार रिक्तियों, मेडिकल और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं तथा नियुक्ति की समय-सीमा का स्पष्ट विवरण संबंधित सरकारी आदेशों से ही सामने आएगा।
