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चार वर्षों में ₹1.92 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 6.5 लाख रोजगार के अवसरों की संभावना; निवेशकों के लिए पसंदीदा राज्य बनाने पर जोर

3 नवंबर 2026 :  पंजाब में औद्योगिक विकास को गति देने और निवेश आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों के बीच उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा ने बड़ा दावा किया है। उनके अनुसार, वर्ष 2022 से अब तक पंजाब को करीब ₹1.92 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों के माध्यम से राज्य में लगभग 6.5 लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।

अमन अरोड़ा ने 13 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में आयोजित 9वें CII मैन्युफैक्चरिंग एक्सीलेंस एक्सपोजिशन के उद्घाटन के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पंजाब को निवेश के अनुकूल औद्योगिक केंद्र बनाने के लिए सरकार बुनियादी ढांचे, कारोबारी सुविधाओं और निवेश प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर काम कर रही है।

1,626 निवेश प्रस्तावों से ₹32,110 करोड़ की संभावना

उद्योग मंत्री के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के बीच पंजाब को 1,626 निवेश प्रस्ताव मिले। इन प्रस्तावों के तहत करीब ₹32,110 करोड़ के निवेश और 91,236 रोजगार के अवसरों की संभावना जताई गई है।

सरकार का कहना है कि राज्य में निवेश के लिए आवेदन और मंजूरी की प्रक्रिया को आसान बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे उद्योगों को परियोजनाएं शुरू करने में सुविधा मिल सकती है और नए कारोबार को प्रोत्साहन मिल सकता है।

हालांकि, ₹1.92 लाख करोड़ का आंकड़ा निवेश प्रस्तावों से संबंधित है। इसे पूरी तरह से राज्य में आ चुके निवेश या स्थापित हो चुकी औद्योगिक परियोजनाओं की राशि नहीं माना जाना चाहिए। इसी तरह 6.5 लाख रोजगार का आंकड़ा संभावित अवसरों को दर्शाता है, न कि पहले से नियुक्त किए जा चुके कर्मचारियों की संख्या को।

रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र पर सरकार की नजर

अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब अब पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ रक्षा और एयरोस्पेस जैसे नए क्षेत्रों में भी निवेश आकर्षित करना चाहता है। इन क्षेत्रों को भविष्य में औद्योगिक विकास के महत्वपूर्ण आधार के रूप में विकसित करने की योजना है।

उन्होंने बताया कि प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में पूंजीगत प्रोत्साहन के तहत 125 प्रतिशत तक की सहायता देने का प्रावधान भी किया गया है। सरकार का उद्देश्य आधुनिक विनिर्माण, तकनीक और नवाचार से जुड़े उद्योगों को राज्य में निवेश के लिए प्रोत्साहित करना है।

पंजाब के पारंपरिक उद्योग भी बन रहे हैं ताकत

पंजाब लंबे समय से कृषि आधारित उद्योगों, इंजीनियरिंग, कपड़ा, होजरी, साइकिल, ट्रैक्टर, खेल सामग्री और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों के लिए जाना जाता है। इन उद्योगों के साथ अब ऑटो कंपोनेंट्स, आधुनिक विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा और तकनीक आधारित कारोबार को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

सरकार का मानना है कि राज्य में पहले से मौजूद औद्योगिक ढांचा नए निवेशकों के लिए आधार तैयार कर सकता है। इससे छोटे और मध्यम उद्योगों को भी बड़ी कंपनियों की सप्लाई चेन से जुड़ने का अवसर मिल सकता है।

मोहाली और लुधियाना निवेश के प्रमुख केंद्र

सितंबर 2026 में उद्योग विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया था कि पिछले चार वर्षों में पंजाब को ₹1.89 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले थे। उस समय जारी जिला स्तर के आंकड़ों के अनुसार, मोहाली ₹9,478 करोड़ के प्रस्तावों के साथ पहले स्थान पर था।

लुधियाना में ₹4,968 करोड़, पटियाला में ₹2,590 करोड़ और होशियारपुर में ₹2,003 करोड़ के निवेश प्रस्ताव दर्ज किए गए थे। मोहाली और लुधियाना मिलकर कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म के माध्यम से आए कुल प्रस्तावित निवेश का 49.8 प्रतिशत हिस्सा रखते थे।

मुख्यमंत्री ने कहा था कि मोहाली में IT, तकनीक और स्टार्टअप से जुड़े उद्योगों की संभावनाएं बढ़ रही हैं। वहीं, लुधियाना के पारंपरिक विनिर्माण उद्योग भी राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

MSME सेक्टर को मजबूत करने की योजना

राज्य सरकार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों यानी MSME सेक्टर को मजबूत करने के लिए औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने पर भी काम कर रही है। इन क्लस्टरों के माध्यम से संबंधित उद्योगों को साझा बुनियादी सुविधाएं, आधुनिक तकनीक, कौशल प्रशिक्षण और बाजार तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

मोहाली में हाईटेक मेटल क्लस्टर, लुधियाना में ऑयल एक्सपेलर, पार्ट्स मैन्युफैक्चरिंग, गारमेंट और हनी प्रोसेसिंग से जुड़े क्लस्टर तथा पटियाला में कटिंग टूल क्लस्टर को मंजूरी दी गई है।

निवेश को रोजगार में बदलना होगी बड़ी चुनौती

पंजाब सरकार के सामने अब निवेश प्रस्तावों को वास्तविक औद्योगिक परियोजनाओं में बदलने और रोजगार के अवसरों को जमीन पर उतारने की चुनौती है। इसके लिए परियोजनाओं की शुरुआत, पूंजी का वास्तविक निवेश और युवाओं की नियुक्ति जैसे पहलुओं पर नजर रखना जरूरी होगा।

सरकार का दावा है कि बेहतर बुनियादी ढांचे, आसान मंजूरी प्रक्रिया और निवेश प्रोत्साहन से पंजाब उद्योगों के लिए आकर्षक स्थान बन रहा है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि घोषित निवेश प्रस्तावों में से कितनी परियोजनाएं शुरू होती हैं और उनसे कितने युवाओं को वास्तविक रोजगार मिलता है।

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