3 नवंबर 2026 : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि विपक्षी दलों का उद्देश्य सत्ता हासिल करके पंजाब के संसाधनों का दोबारा इस्तेमाल अपने हितों के लिए करना है। उन्होंने कहा कि इन दलों के चुनाव चिह्न भले ही अलग-अलग हों, लेकिन उनके हित और इरादे एक जैसे हैं। मुख्यमंत्री ने यह बयान सोमवार को पटियाला जिले के घनौर में आयोजित एक जनसभा के दौरान दिया।
कांग्रेस, अकाली दल और BJP पर लगाए आरोप
जनसभा को संबोधित करते हुए भगवंत मान ने कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा को भ्रष्ट बताते हुए आरोप लगाया कि ये दल पंजाब के विकास में बाधा डालना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पारंपरिक राजनीतिक दलों को यह बात स्वीकार नहीं हो रही कि राज्य के संसाधनों का इस्तेमाल आम लोगों के कल्याण के लिए किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने आगामी विधानसभा चुनावों को आम आदमी पार्टी और अन्य राजनीतिक दलों के बीच मुकाबले के रूप में पेश किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों का साझा उद्देश्य सत्ता में वापसी करना और पंजाब के लोगों का शोषण करना है।
अकाली दल के पुराने कार्यकाल पर भी साधा निशाना
भगवंत मान ने शिरोमणि अकाली दल के पिछले शासनकाल पर टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया कि उस समय पार्टी के नेताओं ने विभिन्न कारोबारों में अपना प्रभाव स्थापित किया था। उन्होंने दावा किया कि अकाली नेतृत्व ने कई व्यावसायिक गतिविधियों में हिस्सेदारी हासिल की थी।
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की कार्यशैली का उल्लेख करते हुए कहा कि वह आम लोगों के सुख-दुख में शामिल होने और उनके कल्याण के लिए काम करने को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीतिक ताकत किसी प्रभावशाली परिवार या बड़े कारोबारी समूह के बजाय पंजाब के लोगों का समर्थन है।
कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान पर टिप्पणी
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और पार्टी के भीतर मतभेदों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता आपसी एकजुटता बनाए रखने में भी संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने कांग्रेस के कई नेताओं के भाजपा में शामिल होने का जिक्र करते हुए कहा कि पारंपरिक राजनीतिक दलों में नेताओं का एक पार्टी से दूसरी पार्टी में जाना आम होता जा रहा है। मान ने इसे नेताओं की राजनीतिक सुविधा से जोड़ते हुए विपक्षी दलों की आलोचना की।
जनता के समर्थन को बताया अपनी ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें गांवों के दौरे के दौरान लोगों से समर्थन और स्नेह मिलता है। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी की राजनीति शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार और जनकल्याण के मुद्दों पर केंद्रित है।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, चरणजीत सिंह चन्नी, नवजोत सिंह सिद्धू और अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया का नाम लेते हुए कहा कि पंजाब के मतदाता पहले भी प्रभावशाली नेताओं को चुनाव में हरा चुके हैं। उनके अनुसार, लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता के हाथ में होता है।
पंजाब की राजनीति में बढ़ सकती है बयानबाजी
भगवंत मान का यह बयान ऐसे समय आया है जब पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा अपनी-अपनी राजनीतिक रणनीतियों पर काम कर रहे हैं। वहीं, अकाली दल और भाजपा के बीच संभावित गठबंधन को लेकर भी चर्चाएं जारी हैं।
मुख्यमंत्री के भाषण में विपक्षी दलों पर लगाए गए आरोप उनकी राजनीतिक टिप्पणी हैं। इन आरोपों को लेकर संबंधित दलों की प्रतिक्रिया और उनके पक्ष को भी राजनीतिक बहस के व्यापक संदर्भ में देखा जाना जरूरी है। आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति में सत्ता, गठबंधन और राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों पर बयानबाजी जारी रहने की संभावना है।
