4 नवंबर 2026 : उत्तर प्रदेश में 68,500 शिक्षक भर्ती का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अभ्यर्थियों ने अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) कार्यालय का घेराव किया। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले आठ वर्षों से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। लंबे समय से नौकरी मिलने की उम्मीद लगाए बैठे उम्मीदवारों ने प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखीं।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती से जुड़े मामले में नियुक्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के बाद भी उन्हें नौकरी नहीं मिल सकी है। कई अभ्यर्थी वर्षों से इस मामले में फैसले और नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों के अनुसार, आठ साल का लंबा समय बीत जाने के बावजूद उन्हें रोजगार नहीं मिल पाया है। इस दौरान कई उम्मीदवारों की उम्र बढ़ गई है और उनके सामने आर्थिक तथा पारिवारिक चुनौतियां भी खड़ी हो गई हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने शिक्षक बनने के लिए मेहनत की और भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लिया, लेकिन नियुक्ति नहीं मिलने के कारण उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है।
SCERT कार्यालय के बाहर जुटे अभ्यर्थी
अपनी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी SCERT कार्यालय पहुंचे और वहां घेराव कर विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी समस्याओं का समाधान करने की मांग की। अभ्यर्थियों ने कहा कि सरकार और विभाग को उनके मामले पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और नियुक्ति को लेकर स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय से चल रही इस समस्या के कारण उन्हें बार-बार अधिकारियों और संबंधित विभागों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उनका आरोप है कि अब तक उन्हें कोई स्थायी समाधान नहीं मिला है।
आठ साल से नियुक्ति की उम्मीद
68,500 शिक्षक भर्ती उत्तर प्रदेश की चर्चित सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रियाओं में शामिल रही है। इस भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों के लिए नियुक्ति का मुद्दा लंबे समय से महत्वपूर्ण बना हुआ है। उम्मीदवारों का कहना है कि उन्होंने भर्ती से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाओं में हिस्सा लिया था और अब वे अपने रोजगार से जुड़े मामले का अंतिम समाधान चाहते हैं।
अभ्यर्थियों के मुताबिक, लंबे इंतजार ने उनकी आर्थिक और मानसिक परेशानियां बढ़ा दी हैं। कई उम्मीदवारों ने इस भर्ती के लिए अपनी तैयारी और भविष्य की योजनाएं बनाई थीं। लेकिन नियुक्ति नहीं होने से उन्हें दूसरे रोजगार के अवसर तलाशने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
सरकार और विभाग से कार्रवाई की मांग
प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों ने सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की कि भर्ती से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा की जाए। साथ ही पात्र अभ्यर्थियों की नियुक्ति को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि वर्षों से इंतजार कर रहे उम्मीदवारों को राहत मिल सके।
अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि मामले को अनिश्चितकाल तक लंबित रखने के बजाय इसका उचित समाधान निकाला जाए।
भर्ती प्रक्रिया को लेकर बढ़ी चर्चा
SCERT कार्यालय पर हुए इस प्रदर्शन के बाद 68,500 शिक्षक भर्ती का मामला फिर से चर्चा में आ गया है। अभ्यर्थियों की मांग है कि उनकी समस्याओं को प्राथमिकता दी जाए और नियुक्ति से जुड़े सभी पहलुओं पर पारदर्शी तरीके से कार्रवाई की जाए।
फिलहाल अभ्यर्थियों की ओर से नियुक्ति की मांग जारी है। अब इस मामले में संबंधित विभाग और सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर उम्मीदवारों की नजर बनी हुई है।
