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हरियाणा के IAS अधिकारियों को बैंकर्स से कैश, सोना और डांस पार्टियों का फायदा मिलने का CBI का दावा

25 सितंबर 2026  हरियाणा के सरकारी फंड से जुड़े कथित ₹657 करोड़ के बैंक घोटाले की जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बैंक अधिकारियों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के बीच कथित सांठगांठ को लेकर कई गंभीर दावे किए हैं। CBI की चार्जशीट के अनुसार, कुछ हरियाणा कैडर के IAS अधिकारियों को सरकारी धन को चुनिंदा निजी बैंक शाखाओं में रखने के बदले कथित तौर पर कैश, सोने के सिक्के, शराब, महंगे होटल में ठहरने और डांस पार्टियों जैसी सुविधाएं दी गईं।

CBI के अनुसार, यह मामला हरियाणा सरकार के आठ विभागों के करीब ₹504 करोड़ के कथित गबन से जुड़ा है। चंडीगढ़ प्रशासन के दो विभागों से जुड़े मामलों को शामिल करने पर जांच में कथित वित्तीय अनियमितता की राशि ₹657 करोड़ तक पहुंचती है।

छह IAS अधिकारियों के नाम चार्जशीट में

CBI ने इस मामले में छह हरियाणा कैडर के IAS अधिकारियों को आरोपी बनाया है। इनमें मोहम्मद शायिन, विनीत गर्ग, डॉ. साकेत कुमार, पंकज अग्रवाल, राम कुमार सिंह और सेवानिवृत्त IAS अधिकारी प्रदीप कुमार शामिल हैं। तीसरी चार्जशीट में कुल 19 आरोपियों के नाम हैं, जिनमें तीन IDFC First Bank के अधिकारी, एक AU Small Finance Bank का अधिकारी और हरियाणा सरकार के नौ अन्य अधिकारी शामिल हैं।

सरकारी पैसा चुनिंदा बैंक शाखाओं में पहुंचाने का आरोप

CBI का आरोप है कि सरकारी अधिकारियों और बैंक अधिकारियों ने मिलकर हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों का पैसा दूसरी बैंकों से निकालकर IDFC First Bank और AU Small Finance Bank की कुछ खास शाखाओं में जमा कराया।

जांच एजेंसी के अनुसार, इस प्रक्रिया में हरियाणा वित्त विभाग की वित्तीय सावधानी और धोखाधड़ी रोकने से जुड़ी गाइडलाइंस का कथित तौर पर उल्लंघन किया गया। इसके बाद कुछ रकम कथित रूप से सरकारी विभागों से असंबंधित तीसरे पक्ष के खातों में भेजी गई और कई खातों के जरिए लेन-देन को घुमाकर नकदी में बदला गया।

पंकज अग्रवाल पर डांस पार्टियों और अन्य सुविधाओं के आरोप

CBI की जांच में IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल को लेकर भी कई आरोप सामने आए हैं। द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, CBI ने दावा किया कि उन्हें कथित तौर पर डांस पार्टियों, शराब, लग्जरी होटल में ठहरने और महिलाओं की सेवाओं जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

जांच एजेंसी के अनुसार, जिरकपुर के एक निजी स्थान पर कई पार्टियों का आयोजन हुआ। कुछ पार्टियों में दिल्ली से महिला डांसरों को बुलाए जाने और उन पर लाखों रुपये के नोट उड़ाए जाने का भी आरोप है। इन आरोपों को चार्जशीट में कथित लाभ के तौर पर दर्ज किया गया है।

पंकज अग्रवाल के वकील ने इन आरोपों को निराधार बताया है और कहा है कि उनके घर पर हुई तलाशी में कोई आपत्तिजनक बरामदगी नहीं हुई। आरोपी पक्ष ने यह भी कहा है कि चार्जशीट में लगाए गए आरोप अपने आप में अपराध साबित नहीं करते और उन्हें अदालत में कानूनी रूप से साबित करना होगा।

विनीत गर्ग को कैश और सोना देने का आरोप

CBI ने तत्कालीन हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) से जुड़े IAS अधिकारी विनीत गर्ग के संबंध में भी कथित आर्थिक लाभ का उल्लेख किया है। जांच एजेंसी का दावा है कि उन्हें एक बिचौलिए के माध्यम से करोड़ों रुपये की नकदी और लाखों रुपये मूल्य के सोने के सिक्के दिए गए।

CBI के अनुसार, HSPCB के खातों से जुड़े लेन-देन में बैंक को फायदा पहुंचाने के लिए प्रक्रियाओं को कथित तौर पर प्रभावित किया गया। जांच में इन खातों से सरकारी खजाने को कथित रूप से हुए नुकसान की भी जांच की गई है।

राम कुमार सिंह पर रिश्वत लेने का आरोप

पंचकूला नगर निगम से जुड़े मामले में IAS अधिकारी राम कुमार सिंह पर भी CBI ने गंभीर आरोप लगाए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, सरकारी धन को बैंक में रखने की प्रक्रिया में मदद करने के बदले कथित रूप से उन्हें करोड़ों रुपये का लाभ मिला।

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, CBI ने ₹2.5 करोड़ की कथित रिश्वत और हवाला के जरिए रकम पहुंचाए जाने के आरोपों की भी जांच की है। इन आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में होना बाकी है।

मोहम्मद शायिन और साकेत कुमार का भी नाम

CBI ने तत्कालीन हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPGCL) के प्रबंध निदेशक मोहम्मद शायिन पर भी बैंक से जुड़े फैसलों के बदले कथित लाभ लेने का आरोप लगाया है। चार्जशीट से जुड़ी रिपोर्ट के अनुसार, उनके लिए होटल और रेस्तरां के बिलों का भुगतान किए जाने तथा अन्य कथित आर्थिक लाभ की जांच की गई।

वहीं, साकेत कुमार पर विकास एवं पंचायत विभाग से जुड़े खातों को कथित तौर पर संबंधित बैंक शाखाओं में खोलने और वित्त विभाग की जरूरी अनुमति के बिना प्रक्रिया आगे बढ़ाने में भूमिका निभाने का आरोप है।

54 जगहों पर तलाशी, 26 आरोपी गिरफ्तार

CBI के अनुसार, मामले की जांच के दौरान अब तक 54 स्थानों पर तलाशी ली गई है। एजेंसी ने करीब ₹20 करोड़ मूल्य का सोना सहित कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त करने की जानकारी दी है। मामले में अब तक 26 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।

तीसरी चार्जशीट के बाद इस मामले में चार्जशीट किए गए आरोपियों की कुल संख्या 37 हो गई है। CBI ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है और अन्य संदिग्धों तथा आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

आरोपों पर अदालत में होगा फैसला

यह पूरा मामला फिलहाल जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। CBI द्वारा चार्जशीट में लगाए गए आरोपों को अदालत में सबूतों के आधार पर परखा जाएगा। आरोपी पक्षों को आरोपों को चुनौती देने और अपना पक्ष रखने का कानूनी अधिकार है

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