25 सितंबर 2026 हरियाणा कांग्रेस शुक्रवार, 25 सितंबर को चंडीगढ़ स्थित राज्य चुनाव आयोग के कार्यालय का घेराव करेगी। पार्टी की ओर से यह प्रदर्शन चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच किया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इसकी जानकारी दी।
चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने गुरुवार को रोहतक जिले के गढ़ी सांपला-किलोई विधानसभा क्षेत्र में अपने जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान कहा कि हरियाणा कांग्रेस राज्य चुनाव आयोग के कार्यालय का घेराव करेगी। पार्टी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी की जा रही है।
यह प्रदर्शन कांग्रेस के राष्ट्रीय स्तर पर घोषित विरोध कार्यक्रम का हिस्सा है। कांग्रेस ने 25 सितंबर को देशभर में राज्य चुनाव आयोग कार्यालयों तक विरोध मार्च निकालने का आह्वान किया है। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और पद से हटाने की मांग भी कर रही है तथा मतदाता सूची में किए गए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग उठा रही है।
वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा
हुड्डा ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के परिणामों और मतदाता सूची से जुड़े कई मुद्दे उठाए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने चुनाव परिणामों को लेकर कई सवाल पहले भी उठाए थे, लेकिन उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिले।
उन्होंने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का भी उल्लेख किया। हुड्डा के अनुसार, कुछ मामलों में एक ही घर में बड़ी संख्या में मतदाता दर्ज होने और एक महिला के नाम पर कई वोट दर्ज होने जैसी बातें सामने आई हैं। उन्होंने एक ऐसे मामले का भी दावा किया जिसमें किसी विदेशी महिला की तस्वीर के सामने 22 वोट दर्ज होने की बात कही गई। ये कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोप हैं।
मतदान प्रतिशत के आंकड़ों पर भी सवाल
हुड्डा ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान प्रतिशत में हुए बदलाव को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मतदान की रात चुनाव आयोग ने मतदान प्रतिशत 61.19 प्रतिशत बताया था, जो अगले दिन बढ़कर 65.65 प्रतिशत हो गया और फिर 7 अक्टूबर को 67.9 प्रतिशत बताया गया।
कांग्रेस नेता ने इन आंकड़ों में हुए बदलाव पर स्पष्टीकरण की मांग की। उनके अनुसार, मतदान प्रतिशत में इस तरह का बदलाव सवाल खड़े करता है।
कांग्रेस ने देशभर में प्रदर्शन का किया ऐलान
हरियाणा में होने वाला प्रदर्शन कांग्रेस के देशव्यापी कार्यक्रम के तहत हो रहा है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने 24 सितंबर को कहा था कि पार्टी की प्रदेश इकाइयां 25 सितंबर को अपने-अपने राज्य चुनाव आयोग कार्यालयों तक विरोध मार्च निकालेंगी।
कांग्रेस ने मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दों पर स्वतंत्र समीक्षा की मांग रखी है। पार्टी ने विरोध का दूसरा चरण 28 सितंबर को जिला स्तर पर आयोजित करने की घोषणा भी की है।
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कांग्रेस के सवाल
कांग्रेस की ओर से यह विरोध ऐसे समय में किया जा रहा है जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस चल रही है।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची में बदलावों को लेकर कई सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, ये राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। चुनावी प्रक्रिया से जुड़े किसी भी विवाद का अंतिम निष्कर्ष संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड और सक्षम संस्थाओं की कार्रवाई पर निर्भर करेगा।
28 सितंबर को जिला स्तर पर प्रदर्शन
कांग्रेस के घोषित कार्यक्रम के अनुसार 25 सितंबर को राज्य चुनाव आयोग कार्यालयों तक विरोध मार्च के बाद 28 सितंबर को जिला कांग्रेस समितियां जिला कलेक्टर कार्यालयों तक मार्च निकालेंगी।
हरियाणा में आज होने वाला प्रदर्शन इसी व्यापक कार्यक्रम का हिस्सा है। चंडीगढ़ में राज्य चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं के जुटने की संभावना है। प्रदर्शन के दौरान पार्टी की ओर से चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और मतदान आंकड़ों से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे।
चुनावी प्रक्रिया को लेकर बढ़ी राजनीतिक हलचल
हरियाणा कांग्रेस का यह प्रदर्शन राज्य में चुनावी प्रक्रिया को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को आगे बढ़ाता है। कांग्रेस जहां मतदाता सूची और मतदान प्रतिशत के आंकड़ों पर सवाल उठा रही है, वहीं इन दावों पर संबंधित चुनावी संस्थाओं के आधिकारिक स्पष्टीकरण और रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होंगे।
