20 सितंबर, 2026 : आयकर विभाग के नॉर्थ वेस्ट रीजन की ओर से लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में ‘Aaykar Chintan Shivir’ नाम से एक विशेष लर्निंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें हालिया टैक्स कानूनों में हुए बदलावों, अनुपालन से जुड़े मुद्दों और विभागीय अधिकारियों के व्यावहारिक अनुभवों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चार्टर्ड अकाउंटेंट, पेशेवर और अन्य आमंत्रित प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
CBDT सदस्य रहे मुख्य अतिथि
कार्यक्रम में CBDT के सदस्य Prasenjit Singh मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ आयकर विभाग के नॉर्थ वेस्ट रीजन, चंडीगढ़ के Principal Chief Commissioner Mayank Priyadarshi और क्षेत्र में तैनात अन्य Chief Commissioners तथा Principal Commissioners भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों और पेशेवरों के बीच जानकारी साझा करना तथा टैक्स से जुड़े मौजूदा विषयों की समझ को मजबूत करना था।
नए Tax Audit Report पर विशेष सत्र
कार्यक्रम का एक प्रमुख हिस्सा Income-tax Rules, 2026 के तहत नए Tax Audit Report से जुड़े प्रावधानों पर केंद्रित रहा। इस सत्र में प्रतिभागियों को नई रिपोर्टिंग आवश्यकताओं, अनुपालन से जुड़े प्रमुख प्रावधानों और टैक्स ऑडिट रिपोर्ट तैयार करने तथा उसकी समीक्षा के दौरान सामने आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों के बारे में जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि टैक्स ऑडिट से जुड़े नियमों में बदलाव को समझना कर पेशेवरों और विभागीय अधिकारियों दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। इससे रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में जरूरी अनुपालन और दस्तावेजी आवश्यकताओं को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिल सकती है।
तथ्य और कानून के बीच अंतर पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान ‘Fact–Law Divide’ विषय पर भी तकनीकी प्रस्तुति दी गई। इसमें यह समझाने पर जोर दिया गया कि किसी मामले में तथ्य से जुड़े सवाल और कानून से जुड़े सवाल अलग-अलग कैसे होते हैं।
यह अंतर टैक्स असेसमेंट, विभागीय कार्यवाही, कानूनी व्याख्या और अपील जैसी प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सत्र का उद्देश्य प्रतिभागियों को यह समझने में मदद करना था कि किसी मामले में तथ्यात्मक निष्कर्ष और कानूनी मुद्दों की पहचान किस तरह की जाती है।
वरिष्ठ अधिकारियों ने साझा किए अनुभव
Aaykar Chintan Shivir में आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुभव साझा करने के लिए एक विशेष पैनल चर्चा भी आयोजित की गई। इसमें प्रतिभागियों को विभागीय कार्यों से जुड़े व्यावहारिक अनुभवों और चुनौतियों को समझने का अवसर मिला।
ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल नियमों की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि अधिकारियों और टैक्स प्रोफेशनल्स के बीच अनुभव तथा व्यावहारिक ज्ञान का आदान-प्रदान करना भी है।
आयुर्वेद और योग पर भी सत्र
कार्यक्रम में टैक्स और कानूनी विषयों के अलावा स्वास्थ्य एवं वेलनेस से जुड़ा सत्र भी आयोजित किया गया। ‘Aarogyam – Ayurveda and Yoga’ नाम के इस सत्र में Patanjali Yogpeeth, Haridwar के Dr Acharya Balakrishna ने आयुर्वेद और योग के महत्व पर जानकारी साझा की।
प्रतिभागियों को रोजमर्रा की जिंदगी में स्वास्थ्य और वेलनेस से जुड़ी गतिविधियों को शामिल करने के व्यावहारिक तरीकों के बारे में भी बताया गया।
टैक्स विभाग में क्षमता निर्माण पर जोर
कार्यक्रम के दौरान CBDT सदस्य Prasenjit Singh ने इस तरह के आयोजनों को विभागीय अधिकारियों की capacity building के लिए उपयोगी बताया। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल अतिथियों और प्रतिभागियों के योगदान के लिए आभार भी जताया।
Aaykar Chintan Shivir के माध्यम से आयकर कानूनों में हालिया बदलाव, टैक्स ऑडिट, कानूनी व्याख्या और विभागीय कार्यप्रणाली जैसे विषयों पर एक साथ चर्चा का अवसर मिला।
टैक्स प्रोफेशनल्स के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
टैक्स कानूनों में लगातार होने वाले बदलावों के बीच ऐसे कार्यक्रम चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, आयकर अधिकारियों और अन्य टैक्स प्रोफेशनल्स के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। नए नियमों और रिपोर्टिंग आवश्यकताओं की जानकारी से उन्हें अपने काम में अनुपालन संबंधी जरूरतों को समझने में मदद मिल सकती है।
