29 अगस्त 2026: पंजाब के बठिंडा स्थित गुरु हरगोबिंद थर्मल प्लांट, लेहरा मोहब्बत को बड़ा झटका लगा है। प्लांट की चौथी यूनिट में भी तकनीकी खराबी आने के बाद इसे शुक्रवार को बंद करना पड़ा। इसके साथ ही 920 मेगावाट क्षमता वाला पूरा थर्मल प्लांट फिलहाल बिजली उत्पादन से बाहर हो गया है।
चौथी यूनिट भी हुई बंद
प्लांट की 210 मेगावाट क्षमता वाली चौथी यूनिट ही इस समय चालू थी और गुरुवार को इससे करीब 167 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा था। शुक्रवार को इसमें भी तकनीकी खराबी आने के बाद यूनिट बंद हो गई।
सूत्रों के मुताबिक, इस यूनिट में हाल ही में भी खराबी आई थी, जिसे ठीक करने के बाद इसे दोबारा चालू किया गया था।
तीन यूनिट पहले से थीं बंद
गुरु हरगोबिंद थर्मल प्लांट की बाकी तीन यूनिट करीब दो सप्ताह से बंद पड़ी हैं। ऐसे में चौथी यूनिट के बंद होने से अब प्लांट की सभी चार यूनिट ठप हो गई हैं।
इससे पंजाब की बिजली उत्पादन क्षमता पर भी असर पड़ने की आशंका है, खासकर ऐसे समय में जब बिजली की मांग बनी हुई है।
तकनीकी खराबी बताई जा रही वजह
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, चौथी यूनिट के बंद होने के पीछे तकनीकी समस्या होने की संभावना है। हालांकि, यूनिट में आई खराबी की विस्तृत वजह और उसे ठीक करने में लगने वाले समय की जानकारी अभी स्पष्ट नहीं की गई है।
आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल भी बनी चुनौती
प्लांट की अन्य यूनिटों के लंबे समय से बंद रहने के पीछे संचालन संबंधी मुश्किलों का एक कारण आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल भी बताया गया है। ये कर्मचारी पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) में सीधे नियुक्ति की मांग कर रहे हैं।
अधिकारी के मुताबिक, बंद यूनिटों को दोबारा चालू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पंजाब के बिजली उत्पादन पर असर
बठिंडा थर्मल प्लांट पंजाब के महत्वपूर्ण बिजली उत्पादन केंद्रों में शामिल है। ऐसे में इसकी सभी यूनिटों का एक साथ बंद होना बिजली व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
अब बिजली विभाग और PSPCL के सामने सबसे बड़ी चुनौती बंद यूनिटों को जल्द से जल्द बहाल कर उत्पादन शुरू करना है।
यूनिटों को जल्द बहाल करने की कोशिश
अधिकारियों का कहना है कि गैर-चालू यूनिटों को फिर से शुरू करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। तकनीकी समस्याओं को दूर करने के साथ कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं का समाधान भी जरूरी होगा, ताकि प्लांट सामान्य क्षमता के साथ बिजली उत्पादन कर सके।
कुल मिलाकर, बठिंडा के गुरु हरगोबिंद थर्मल प्लांट की चौथी और आखिरी चालू यूनिट में भी खराबी आने के बाद पूरा 920 MW प्लांट बंद हो गया है। तीन अन्य यूनिट पहले से करीब दो सप्ताह से बंद हैं। अब अधिकारियों की कोशिश बंद यूनिटों को जल्द बहाल कर बिजली उत्पादन शुरू करने की है।
