नई दिल्ली 16 अगस्त 2026 : राजधानी दिल्ली में कांग्रेस के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम को लेकर शनिवार को विवाद खड़ा हो गया। भाजपा ने आरोप लगाया कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने ‘वंदे मातरम्’ का पूरा गीत बजाए जाने पर आपत्ति जताई। हालांकि, कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि सोनिया गांधी केवल पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी मांग रही थीं, क्योंकि वह काफी देर से खड़े थे। इस मामले को लेकर भाजपा उपाध्यक्ष केशव उपाध्ये ने सवाल उठाया कि “गांधी परिवार को ‘वंदे मातरम्’ से एलर्जी क्यों है?”
केशव उपाध्ये ने क्या कहा?
केशव उपाध्ये ने कहा, “गांधी परिवार को ‘वंदे मातरम्’ से एलर्जी क्यों है? भारत की सांस्कृतिक चेतना, सभ्यतागत विरासत और राष्ट्रभावना का प्रतीक ‘वंदे मातरम्’ के पूरे गायन के दौरान कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के हावभाव कई सवाल खड़े करते हैं।”
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर सवाल उठाते हुए कहा कि वीडियो में सोनिया गांधी और उसके बाद राहुल गांधी के हावभाव साफ दिखाई दे रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस के पवित्र अवसर पर जब ‘वंदे मातरम्’ बज रहा था, तब आखिर ये हावभाव किस बात के लिए थे?
पूरे गायन को लेकर इतनी असहजता क्यों?
उपाध्ये ने कहा कि “‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं है, बल्कि यह भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास, मातृभूमि के सम्मान और करोड़ों भारतीयों की राष्ट्रभावना से जुड़ा हुआ है।”
उन्होंने कांग्रेस और खासकर गांधी परिवार से सवाल किया कि “‘वंदे मातरम्’ के पूरे गायन को लेकर इतनी असहजता क्यों है?”
उन्होंने आगे कहा कि देश बदल चुका है, भारत का आत्मविश्वास बढ़ा है और राष्ट्रभावना पहले से अधिक मजबूत हुई है। इसके बावजूद कांग्रेस नेतृत्व की राष्ट्रभावना से जुड़े प्रतीकों के प्रति सोच आज भी सवालों के घेरे में क्यों रहती है?
उपाध्ये ने कहा कि कैमरे में कैद हावभाव का अर्थ देश तय करेगा, लेकिन ‘वंदे मातरम्’ का सम्मान हर भारतीय के दिल में हमेशा अडिग रहेगा।
कांग्रेस ने दिया स्पष्टीकरण
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि पार्टी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण गाया गया था। कांग्रेस के मुताबिक, सोनिया गांधी केवल मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी मांग रही थीं, क्योंकि खड़गे काफी समय से खड़े थे।
अब इस पूरे मामले पर भाजपा की ओर से की गई आलोचना को लेकर कांग्रेस की आगे क्या प्रतिक्रिया आती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
केशव उपाध्ये ने गांधी परिवार पर ‘वंदे मातरम्’ को लेकर सवाल उठाए हैं। आप इस पूरे विवाद को लेकर क्या सोचते हैं? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।
