18 अक्तूबर 2026: हरियाणा के यमुनानगर जिले में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जिला नगर योजनाकार विभाग की टीम ने करीब दो एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही एक अनधिकृत कॉलोनी की कच्ची सड़कों को ध्वस्त कर दिया। यह कॉलोनी यमुनानगर-जगाधरी के शहरी क्षेत्र में स्थित थी। प्रशासन ने यह कार्रवाई निर्धारित नियमों के तहत नोटिस जारी किए जाने के बाद की।
जिला नगर योजनाकार (DTP) राजेश कुमार ने बताया कि उपायुक्त प्रीति के निर्देशों के अनुसार जिले में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत विभाग की टीम ने संबंधित कॉलोनी में पहुंचकर वहां बनाई गई कच्ची सड़कों के नेटवर्क को तोड़ दिया।
नोटिस के बाद भी नहीं माने संबंधित लोग
राजेश कुमार के अनुसार, कॉलोनी विकसित करने वाले संबंधित लोगों को शहरी क्षेत्र अधिनियम, 1975 के प्रावधानों के तहत नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद विभागीय आदेशों का पालन नहीं किया गया। जांच में सामने आया कि जमीन के मालिकों ने कॉलोनी विकसित करने से पहले आवश्यक अनुमति नहीं ली थी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।
कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) के एसडीओ अजीत सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। विभाग की टीम ने प्रशासनिक व्यवस्था के तहत अभियान को अंजाम दिया।
अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने से बचने की अपील
उपायुक्त प्रीति और जिला नगर योजनाकार राजेश कुमार ने लोगों से अपील की कि वे अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदकर अपनी मेहनत की कमाई जोखिम में न डालें। उन्होंने कहा कि प्लॉट खरीदने से पहले कॉलोनी की वैधता और संबंधित विभागों से प्राप्त अनुमतियों की जांच करना जरूरी है।
प्रशासन के अनुसार, नियंत्रित क्षेत्र में निर्माण या जमीन का विकास करने से पहले नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग से आवश्यक अनुमति प्राप्त करनी चाहिए। अनुमति के बिना कॉलोनी विकसित करने या वहां अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
प्लॉट खरीदने से पहले करें दस्तावेजों की जांच
अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने पर लोगों को भविष्य में कानूनी और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी जमीन पर सड़क, सीवरेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित नहीं होती। कई मामलों में खरीदारों को निर्माण की अनुमति प्राप्त करने या संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों को लेकर कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
जिला नगर योजनाकार विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी जमीन में निवेश करने से पहले संबंधित कार्यालय से उसकी स्थिति और जरूरी मंजूरियों की जानकारी प्राप्त करें। विभाग के अनुसार, कार्यालय में किसी भी कार्यदिवस पर संपर्क करके प्लॉट की वैधता और निर्माण संबंधी नियमों के बारे में जानकारी ली जा सकती है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले में अनधिकृत कॉलोनियों के विकास पर निगरानी रखी जा रही है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान का उद्देश्य बिना मंजूरी विकसित की जा रही कॉलोनियों पर रोक लगाना और आम लोगों को संपत्ति खरीदने से जुड़े संभावित नुकसान से बचाना है।
