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हरियाणा में नहरों के सुधार पर खर्च होंगे 6,000 करोड़ रुपये से अधिक: किरण चौधरी

18 अक्तूबर 2026: हरियाणा में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने और किसानों के खेतों तक पर्याप्त पानी पहुंचाने के लिए नहरों के नवीनीकरण पर 6,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाने की बात कही गई है। पूर्व राज्यसभा सांसद किरण चौधरी ने शनिवार को सिवानी में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विश्व बैंक की सहायता से नहरों के सुधार का काम किया जाएगा, जिससे सिंचाई नेटवर्क मजबूत होगा और नहर प्रणाली के अंतिम छोर पर स्थित खेतों तक भी पानी पहुंचाने में मदद मिलेगी।

किरण चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और हरियाणा की सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रहे हैं। उनके अनुसार, पुरानी और जर्जर नहरों का नवीनीकरण किसानों के लिए पानी की उपलब्धता सुधारने में अहम भूमिका निभा सकता है।

पुरानी नहरों के नवीनीकरण पर रहेगा जोर

हरियाणा में कृषि उत्पादन के लिए सिंचाई व्यवस्था महत्वपूर्ण है। कई क्षेत्रों में किसानों की खेती नहरों से मिलने वाले पानी पर निर्भर करती है। ऐसे में नहरों की मरम्मत, उनकी क्षमता में सुधार और पानी के बेहतर वितरण से कृषि गतिविधियों को लाभ मिल सकता है।

किरण चौधरी ने कहा कि नहरों के सुधार से सिंचाई नेटवर्क को मजबूत करने और खेतों तक पानी की आपूर्ति बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने लोगों से पानी की बर्बादी रोकने और जल संरक्षण में सहयोग करने की अपील भी की।

हरियाणा सरकार ने मई 2026 में विश्व बैंक की सहायता से प्रस्तावित ‘वॉटर सिक्योर हरियाणा प्रोग्राम’ की जानकारी दी थी। इस कार्यक्रम के लिए लगभग 5,714.80 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा गया था। जून में राज्य सरकार ने बताया कि विश्व बैंक ने इस परियोजना के तहत 4,000 करोड़ रुपये के ऋण को मंजूरी दी है। कार्यक्रम का उद्देश्य नहरों के आधुनिकीकरण के साथ जल संसाधनों का टिकाऊ प्रबंधन और सिंचाई की दक्षता बढ़ाना है।

लोहारू क्षेत्र में ग्रामीण विकास पर भी चर्चा

बैठक के दौरान किरण चौधरी ने लोहारू विधानसभा क्षेत्र के गांवों में किए जा रहे विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में जल कार्यों, गांवों के तालाबों और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों पर ध्यान दिया गया है।

उन्होंने आश्वासन दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी जाएगी। उनके अनुसार, गांवों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और किसानों की समस्याओं का समाधान करना जरूरी है।

ग्रामीण इलाकों में जल संरचनाओं और तालाबों का रखरखाव सिंचाई तथा जल संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इन व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने से स्थानीय स्तर पर पानी के उपयोग और उपलब्धता में सुधार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

2023 में फसल नुकसान के मुआवजे का मुद्दा उठाया

किरण चौधरी ने वर्ष 2023 में फसल नुकसान झेलने वाले किसानों के मुआवजे का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इस मामले को उन्होंने संसद में उठाया था और किसानों को राहत दिलाने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात भी की थी।

उन्होंने दावा किया कि इन प्रयासों से प्रभावित किसानों के मुआवजे का रास्ता साफ करने में मदद मिली। हालांकि, इस संबंध में बैठक के दौरान मुआवजा प्राप्त करने वाले किसानों की संख्या या भुगतान की कुल राशि का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया।

उन्होंने क्षेत्र में सूखे जैसी परिस्थितियों को लेकर भी चिंता जताई। उनके अनुसार, सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने किसानों की समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया है। पानी की उपलब्धता और फसल उत्पादन से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए सिंचाई व्यवस्था का सुधार किसानों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

खाद के साथ अन्य उत्पाद खरीदने की शिकायतों पर चिंता

पूर्व सांसद ने खाद विक्रेताओं द्वारा किसानों को उर्वरक के साथ दूसरे रसायन या उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर किए जाने की शिकायतों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लिया गया है।

किसानों के लिए खाद और अन्य कृषि सामग्री उचित शर्तों पर उपलब्ध होना जरूरी है। यदि किसानों पर अतिरिक्त उत्पाद खरीदने का दबाव बनाया जाता है, तो उनकी लागत बढ़ सकती है। ऐसी शिकायतों पर निगरानी और उचित कार्रवाई से किसानों को राहत मिल सकती है।

किरण चौधरी के बयान के मुताबिक, हरियाणा में नहरों का नवीनीकरण, जल संरक्षण, ग्रामीण विकास और किसानों की समस्याओं का समाधान प्रमुख मुद्दे हैं। प्रस्तावित जल सुरक्षा कार्यक्रम का लक्ष्य सिंचाई ढांचे को आधुनिक बनाना और उपलब्ध पानी का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है। परियोजना का वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि काम कितनी समयबद्धता और गुणवत्ता के साथ पूरा होता है तथा पानी किसानों के खेतों तक कितनी प्रभावी ढंग से पहुंचता है।

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