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हुड्डा का BJP पर हमला, बोले—झूठे वादे और बढ़ते अपराध सरकार की पहचान

18 अक्तूबर 2026: हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे होने पर राज्य सरकार की नीतियों और कामकाज पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने भाजपा के 12 साल के शासन को कथित तौर पर झूठे वादों, बढ़ते अपराध, बेरोजगारी, कर्ज और किसानों की परेशानियों से जोड़ते हुए कहा कि सरकार के पास जनता को दिखाने के लिए कोई बड़ी उपलब्धि नहीं है। हुड्डा ने ये बातें शनिवार को सरकार के दो साल पूरे होने के अवसर पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहीं।

भर्ती और बेरोजगारी को लेकर सरकार पर निशाना

हुड्डा ने सरकारी नौकरियों और भर्ती प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने दो लाख भर्तियां करने का वादा किया था, लेकिन हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) की ओर से 2024 के बाद से नई भर्तियों की अधिसूचनाएं जारी नहीं की गईं। उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य के सरकारी विभागों में करीब दो लाख पद खाली पड़े हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को भर्ती प्रक्रिया में देरी और रोजगार के सीमित अवसरों के कारण परेशानी हो रही है। उनके अनुसार, रोजगार की तलाश में युवा हरियाणा और देश से बाहर जाने को मजबूर हो रहे हैं।

हुड्डा ने कौशल विकास निगम के कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को स्थायी रोजगार देने का वादा किया गया था, लेकिन विधानसभा के पिछले सत्र में मुख्यमंत्री की ओर से बताया गया कि संबंधित व्यवस्था अस्थायी रोजगार उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई थी।

उन्होंने भर्ती और रोजगार के मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा। हालांकि, भर्ती अधिसूचनाओं और खाली पदों से संबंधित आंकड़े हुड्डा के दावों के रूप में सामने आए हैं।

महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के वादे पर सवाल

हुड्डा ने महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की योजना को लेकर भी भाजपा सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने महिलाओं को 2,100 रुपये देने का वादा किया था, लेकिन योजना में लगभग 50 शर्तें लगाने से बड़ी संख्या में महिलाएं इसका लाभ लेने के लिए अयोग्य हो गई हैं।

उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान किए गए वादों और उनके क्रियान्वयन के बीच अंतर दिखाई देता है। हुड्डा ने सरकार से महिलाओं के लिए घोषित योजनाओं की पात्रता और लाभ वितरण की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

उनका कहना था कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाना होना चाहिए। यदि पात्रता संबंधी शर्तों के कारण बड़ी संख्या में लोग लाभ से वंचित रहते हैं, तो योजना की प्रभावशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

कानून-व्यवस्था और बढ़ते अपराध पर चिंता

कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर हुड्डा ने आरोप लगाया कि हरियाणा में अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। उन्होंने भाजपा सरकार के कार्यकाल को अपराध और प्रशासनिक चुनौतियों से जोड़ते हुए कहा कि राज्य में शासन की स्थिति में सुधार की जरूरत है।

हुड्डा ने कहा कि सरकार को नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने चोरी, लूटपाट और अन्य आपराधिक घटनाओं को लेकर सरकार की जवाबदेही पर भी सवाल उठाए।

उनकी ये टिप्पणियां विपक्ष की ओर से राज्य सरकार के कामकाज की आलोचना का हिस्सा हैं। अपराध के स्तर और कानून-व्यवस्था की स्थिति का व्यापक आकलन करने के लिए आधिकारिक आंकड़ों और संबंधित रिपोर्टों को भी देखना आवश्यक है।

किसानों की समस्याओं को लेकर भी उठाए सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री ने किसानों की आर्थिक स्थिति और कृषि उपज की खरीद को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को अपनी फसलों के उचित दाम प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से जुड़े मुद्दे अब भी बने हुए हैं।

हुड्डा ने कहा कि किसानों की उपज की खरीद और उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने भाजपा सरकार पर कृषि क्षेत्र की समस्याओं का पर्याप्त समाधान नहीं करने का आरोप लगाया।

उन्होंने यह भी कहा कि किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रभावी नीतियों की जरूरत है। खरीद प्रक्रिया में परेशानी और फसलों के उचित दाम नहीं मिलने की स्थिति किसानों की आर्थिक मुश्किलों को बढ़ा सकती है।

2014 से पहले के कांग्रेस शासन का किया जिक्र

हुड्डा ने वर्ष 2014 में कांग्रेस सरकार के सत्ता से बाहर होने के समय हरियाणा की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय राज्य प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति निवेश, रोजगार सृजन, खिलाड़ियों और बुजुर्गों के सम्मान तथा किसानों को MSP देने जैसे क्षेत्रों में अग्रणी था।

उन्होंने दावा किया कि भाजपा के 12 साल के शासन में राज्य की स्थिति कई प्रमुख क्षेत्रों में कमजोर हुई है। हुड्डा ने सरकार के कामकाज का मूल्यांकन रोजगार, आर्थिक स्थिति, किसानों के कल्याण और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों के आधार पर करने की बात कही।

उन्होंने भाजपा पर चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से उठाए गए कथित वोट चोरी के मुद्दे का भी उल्लेख किया।

हरियाणा सरकार के तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे होने पर हुड्डा के बयान से राज्य में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप फिर चर्चा में आ गए हैं। विपक्ष ने बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, महिलाओं को आर्थिक सहायता और कानून-व्यवस्था को प्रमुख मुद्दे बनाया है। इन आरोपों पर सरकार का पक्ष और संबंधित आधिकारिक आंकड़े राज्य के शासन के समग्र मूल्यांकन के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

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