17 अप्रैल 2026 : उत्तर प्रदेश पुलिस ने हरियाणा के यमुनानगर जिले के 9 स्टोन क्रशर मालिकों के खिलाफ अवैध खनन के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। इस कार्रवाई से खनन गतिविधियों को लेकर सख्ती का संकेत मिला है।
जानकारी के अनुसार पुलिस को अवैध खनन से जुड़े इनपुट मिले थे, जिसके आधार पर जांच की गई और संबंधित मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। आरोप है कि बिना अनुमति और नियमों का उल्लंघन कर खनन कार्य किया जा रहा था।
अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन से न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है, बल्कि सरकारी राजस्व को भी भारी क्षति होती है।
इस मामले में पुलिस आगे की जांच कर रही है और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर आरोपियों से पूछताछ भी की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध खनन एक गंभीर समस्या है, जिससे प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव बढ़ता है और पर्यावरण संतुलन बिगड़ता है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन लगातार सख्त रुख अपना रहा है।
कुल मिलाकर यमुनानगर के स्टोन क्रशर मालिकों के खिलाफ दर्ज एफआईआर ने अवैध खनन के मुद्दे को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
