लुधियाना 19 अगस्त 2026 : महानगर के अति व्यस्त लुधियाना रेलवे स्टेशन के बहुप्रतीक्षित विश्वस्तरीय पुनर्विकास (री-डेवलपमेंट) प्रोजेक्ट की धीमी गति के चलते इसकी डेडलाइन एक बार फिर आगे खिसकती नजर आ रही है। फिरोजपुर रेल मंडल के अधिकारियों के अनुसार, कुल 528.95 करोड़ रुपये की लागत वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का अब तक केवल 58 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया है, जबकि 42 प्रतिशत निर्माण कार्य अभी बाकी है। प्रोजेक्ट की रफ्तार को देखते हुए अब इसके जून 2027 तक मुकम्मल होने की संभावना जताई जा रही है।
लगातार टल रही डेडलाइन: अप्रैल 2026 से बढ़कर अब जून 2027
ईपीसी (EPC) मॉडल पर आधारित इस प्रोजेक्ट के निर्माण की समयसीमा में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है, पहले प्रोजेक्ट को अप्रैल 2026 (पुरानी प्रस्तावित समयसीमा अगस्त 2025) तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। कार्य की गति धीमी रहने पर इसे बढ़ाकर दिसंबर 2026 किया गया। मौजूदा स्थिति और बाकी बचे 42% काम को देखते हुए रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इसे पूरा करने में जून 2027 तक का समय लग जाएगा।
17 महीने में केवल 14% काम, धीमी रफ्तार पर उठे सवाल
फरवरी 2025 में सामने आई प्रगति रिपोर्ट के अनुसार स्टेशन का करीब 44 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका था। इसके बाद बीते 17 महीनों (करीब 1 वर्ष 5 माह) के दौरान प्रोजेक्ट की प्रगति में केवल 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और कुल आंकड़ा 58 प्रतिशत पर पहुंचा। इस बेहद सुस्त रफ्तार से यात्रियों और स्थानीय नागरिकों का इंतजार लंबा होता जा रहा है।
अधिकारियों का तर्क, ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट और भारी ट्रैफिक बना चुनौती
रेलवे निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, लुधियाना रेलवे स्टेशन पंजाब के सबसे व्यस्त स्टेशनों में से एक है। यह एक ‘ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट’ (मौजूदा चालू स्टेशन पर पुनर्निर्माण) है। निर्माण शुरू करने से पहले विभिन्न रेलवे कार्यालयों और आवश्यक सेवाओं को दूसरी जगह स्थानांतरित कर जमीन खाली करवानी पड़ी, जिसमें करीब एक साल का समय बर्बाद हुआ। इसके चलते वास्तविक जमीनी काम मार्च 2023 की जगह 2024 में तेजी पकड़ सका। 24 घंटे ट्रेनों के परिचालन और लगातार भारी यात्री ट्रैफिक के बीच सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य करना सबसे बड़ी तकनीकी चुनौती बना हुआ है।
आज से पार्किंग सुविधा शुरू, यात्रियों को बड़ी राहत
पुनर्विकास कार्यों के चलते स्टेशन की पार्किंग व्यवस्था लंबे समय से बंद पड़ी थी, जिसके कारण रोजाना आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को अपने वाहन पार्क करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए आज से स्टेशन की पार्किंग सुविधा को दोबारा शुरू कर दिया है।
क्या तैयार हुआ और क्या-क्या बनना बाकी?
3 मंजिला मल्टी-लेवल पार्किंग का बेसिक स्ट्रक्चर और नया आधुनिक रेलवे अस्पताल भवन बनकर तैयार हो चुका है। मुख्य प्रवेश द्वार की तरफ 6 मंजिला भव्य स्टेशन बिल्डिंग, सिविल लाइंस की तरफ 3 मंजिला भवन, गेस्ट हाउस और रेलवे स्टाफ के लिए करीब 130 आधुनिक क्वार्टर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
विश्वस्तरीय प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं:
ईस्ट और वेस्ट दोनों तरफ नए मुख्य स्टेशन भवन तैयार होंगे, जिन्हें आधुनिक ‘ग्रीन बिल्डिंग सर्टिफिकेशन’ (गोल्ड रेटिंग) के अनुसार डिजाइन किया जा रहा है। स्टेशन तक सीधे और निर्बाध पहुंचने के लिए एलिवेटेड रोड का निर्माण, जिससे बाहर ट्रैफिक जाम की समस्या खत्म होगी। यात्रियों के आगमन (Arrival) और प्रस्थान (Departure) के लिए पूरी तरह अलग-अलग मार्ग और दूसरी मुख्य एंट्री का विकास। 3 मंजिला मल्टी-लेवल कार पार्किंग (MLCP) के साथ-साथ लगभग 1.30 लाख वर्ग फुट में सरफेस पार्किंग की सुविधा।
