• Mon. Oct 5th, 2026

हॉकी स्टार बलजीत कौर के गांव लौटने पर जश्न, ग्रामीणों ने किया जोरदार स्वागत

5 अक्टूबर 2026  भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी बलजीत कौर के अपने पैतृक गांव लौटने पर जश्न का माहौल देखने को मिला। एशियन गेम्स में चीन को 1-0 से हराकर भारत के स्वर्ण पदक जीतने के बाद जब बलजीत कौर तरनतारन जिले के गांव कक्का कंडियाला पहुंचीं, तो परिवार, दोस्तों और ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। गांव के लोगों ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए उन्हें सम्मानित किया।

44 साल बाद भारत ने जीता एशियन गेम्स में हॉकी गोल्ड

भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स के फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने 44 साल बाद एशियन गेम्स में महिला हॉकी का गोल्ड मेडल हासिल किया। टीम की इस ऐतिहासिक सफलता में बलजीत कौर की भागीदारी ने उनके गांव और परिवार को गर्व का अवसर दिया।

गांव पहुंचते ही शुरू हुआ जश्न

बलजीत कौर के गांव पहुंचने की खबर मिलते ही स्थानीय लोगों ने उनके स्वागत की तैयारियां शुरू कर दी थीं। जैसे ही वह अपने पैतृक गांव कक्का कंडियाला पहुंचीं, परिवार के सदस्यों, दोस्तों, कोच और आसपास के गांवों के लोगों ने उन्हें बधाई दी। ग्रामीणों ने एकत्र होकर खिलाड़ी को सम्मानित किया और उनकी उपलब्धि पर खुशी जाहिर की।

साधारण परिवार से निकलकर हासिल किया मुकाम

बलजीत कौर एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता लखविंदर सिंह छोटी दुकान लगाकर परिवार का गुजारा करते हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। उनके बड़े भाई कैब चलाते हैं और छोटे भाई इटली में रहते हैं।

बलजीत की सफलता के पीछे परिवार का सहयोग और उनका लगातार किया गया संघर्ष अहम रहा है। उनके पिता ने बताया कि बेटी के सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने अपनी ओर से हर संभव प्रयास किया। वहीं, बेटी की उपलब्धि पर मां भावुक हो गईं।

परिवार और ग्रामीणों ने जताया गर्व

बलजीत कौर की इस उपलब्धि से पूरे गांव में उत्साह देखने को मिला। उनके बड़े भाई ने कहा कि बलजीत ने परिवार का नाम रोशन किया है और उनकी सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो खेलों में आगे बढ़ना चाहते हैं।

गांव के लोगों ने भी कहा कि बलजीत की उपलब्धि से क्षेत्र की अन्य बेटियों को खेलों में अपना भविष्य बनाने की प्रेरणा मिलेगी।

पंजाब सरकार ने एक करोड़ रुपये और नौकरी का किया ऐलान

विधायक हरमीत सिंह संधू ने बताया कि पंजाब सरकार की ओर से बलजीत कौर के लिए एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि और सरकारी नौकरी देने की घोषणा की गई है। इसे उनकी खेल उपलब्धि के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।

युवाओं के लिए बनी प्रेरणा

बलजीत कौर की कहानी बताती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत, लगन और परिवार के सहयोग से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। उनकी सफलता से गांव और आसपास के क्षेत्र के युवाओं, खासकर लड़कियों को खेलों में आगे बढ़ने का हौसला मिलेगा।

कुल मिलाकर, एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी टीम की ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीत के बाद बलजीत कौर के गांव कक्का कंडियाला लौटने पर खुशी का माहौल रहा। परिवार, दोस्तों, कोच और ग्रामीणों ने उनका स्वागत कर सम्मानित किया। उनकी उपलब्धि ने न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव को गर्व महसूस कराया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *