21 अप्रैल 2026 : नई दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में थैलेसीमिया से पीड़ित मरीजों के लिए जरूरी जीवनरक्षक दवाओं की कमी की खबर सामने आई है। इस स्थिति ने मरीजों और उनके परिवारों के सामने गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है।
जानकारी के अनुसार थैलेसीमिया के मरीजों को नियमित इलाज और दवाओं की जरूरत होती है, लेकिन सरकारी अस्पतालों में आवश्यक दवाएं उपलब्ध नहीं होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मरीजों के परिजनों का कहना है कि उन्हें दवाएं बाहर से महंगे दामों पर खरीदनी पड़ रही हैं, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि थैलेसीमिया जैसे गंभीर रोग में दवाओं की निरंतर उपलब्धता बेहद जरूरी होती है, क्योंकि इसमें थोड़ी भी देरी मरीज के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि दवाओं की आपूर्ति से जुड़े मुद्दों को जल्द सुलझाने की कोशिश की जा रही है और स्थिति को सामान्य करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र के जानकारों ने इस समस्या के समाधान के लिए बेहतर आपूर्ति प्रबंधन और समय पर दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
यह मुद्दा स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और प्रबंधन पर भी सवाल खड़े करता है, खासकर जब बात जीवनरक्षक दवाओं की हो।
कुल मिलाकर दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में थैलेसीमिया की दवाओं की कमी मरीजों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है, जिसे जल्द दूर करना जरूरी है।
