23 अगस्त 2026 शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा की याद में हरिके पत्तन में स्मारक बनाने को मंजूरी दे दी है। SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि स्मारक के लिए उपयुक्त स्थान की पहचान जल्द की जाएगी और इसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
हरिके पत्तन में बनेगा स्मारक
SGPC की ओर से यह फैसला उस घोषणा के बाद आया है, जिसमें अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने हरिके पत्तन में ‘शहीदी पत्तन स्मारक’ स्थापित करने का निर्देश दिया था।
इस स्मारक का उद्देश्य पंजाब के उथल-पुथल भरे दौर के दौरान जान गंवाने वाले लोगों और मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा की स्मृति को संरक्षित करना है।
खालड़ा ने मानवाधिकारों के लिए उठाई थी आवाज
जसवंत सिंह खालड़ा ने पंजाब में लापता हुए लोगों और कथित अवैध हत्याओं व गुमनाम शवों के अंतिम संस्कार के मामलों की जानकारी सामने लाने के लिए काम किया था। उनके काम ने मानवाधिकारों के मुद्दे को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया था।
खालड़ा सितंबर 1995 में लापता हुए थे। बाद में उनकी हत्या के मामले में पंजाब पुलिस के छह अधिकारियों को दोषी ठहराया गया और उन्हें सजा सुनाई गई।
पीड़ितों का रिकॉर्ड भी तैयार होगा
अकाल तख्त की ओर से SGPC को 1982 से 1995 के बीच मारे गए या लापता हुए सिख पीड़ितों का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार करने का भी निर्देश दिया गया है। इस रिकॉर्ड को अकाल तख्त के आधिकारिक अभिलेखों का हिस्सा बनाने की बात कही गई है।
SGPC ने लोगों से भी अपील की है कि वे इस अवधि से जुड़े पीड़ितों की जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि रिकॉर्ड को अधिक व्यापक बनाया जा सके।
हरिके पत्तन का ऐतिहासिक संदर्भ
हरिके पत्तन सतलुज और ब्यास नदियों के संगम के पास स्थित महत्वपूर्ण क्षेत्र है। हाल में यहां आयोजित विशेष अरदास के दौरान खालड़ा और पंजाब के अशांत दौर में लापता हुए अन्य लोगों को याद किया गया था। इसी कार्यक्रम के दौरान स्मारक स्थापित करने की घोषणा हुई थी।
निर्माण जल्द शुरू करने की तैयारी
SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी के अनुसार, स्मारक के लिए उपयुक्त जगह की पहचान की जाएगी और इसके बाद निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संस्था की ओर से स्मारक को लेकर आगे की योजना और डिजाइन से जुड़ी जानकारी बाद में सामने आने की संभावना है।
कुल मिलाकर, हरिके पत्तन में जसवंत सिंह खालड़ा और अन्य पीड़ितों की स्मृति में शहीदी स्मारक बनाने की दिशा में SGPC ने औपचारिक कदम बढ़ा दिया है। इसके साथ ही उस दौर के पीड़ितों का दस्तावेजी रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।
