7 अक्टूबर 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को संगरूर जिले के धूरी में लोगों को साफ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ी परियोजना की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने बरड़वाल गांव में 47.38 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 14 MLD क्षमता के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का नींव पत्थर रखा। इस प्लांट के शुरू होने के बाद धूरी शहर और आसपास के इलाकों के करीब 85 हजार लोगों को नहरी पानी को ट्रीट कर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की योजना है।
नहरी पानी को ट्रीट कर घरों तक पहुंचाया जाएगा
प्रस्तावित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में नहर के पानी को उपचारित कर पीने योग्य बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इस परियोजना से धूरी की मौजूदा जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
सरकार का मुख्य उद्देश्य लोगों को साफ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ पानी किसी भी व्यक्ति के लिए सुविधा नहीं, बल्कि उसकी बुनियादी जरूरत और अधिकार है। दूषित पानी से कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता बेहद जरूरी है।
85 हजार लोगों को होगा फायदा
14 MLD क्षमता वाला यह वाटर ट्रीटमेंट प्लांट धूरी शहर और आसपास के क्षेत्रों की वर्तमान तथा भविष्य की पेयजल जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा। परियोजना से करीब 85 हजार लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नहरी पानी आधारित जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने से धूरी में लोगों को पानी की बेहतर सुविधा मिलेगी। साथ ही इससे भूजल पर निर्भरता को कम करने में भी मदद मिलेगी।
भूजल बचाने पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब में लगातार गिरते भूजल स्तर को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि राज्य के लिए भूजल एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है, लेकिन लगातार इसके दोहन से स्थिति चिंताजनक हो रही है।
सरकार के अनुसार, पिछले चार वर्षों में कृषि क्षेत्र में नहरी पानी के इस्तेमाल का हिस्सा 22 प्रतिशत से बढ़कर 88 प्रतिशत हुआ है। इस दिशा में राज्यभर में करीब 14 हजार किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने का भी दावा किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नहरी पानी की उपलब्धता बढ़ने से कुछ क्षेत्रों में कृषि उत्पादकता में भी सुधार हुआ है और धान की पैदावार में प्रति एकड़ चार क्विंटल तक की बढ़ोतरी देखने को मिली है।
महिलाओं और बच्चों को भी मिलेगा फायदा
सरकार का कहना है कि साफ पेयजल की बेहतर उपलब्धता का सीधा फायदा महिलाओं और बच्चों को भी मिलेगा। सुरक्षित पानी मिलने से जलजनित बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धूरी में शुरू की जा रही यह परियोजना केवल जल आपूर्ति को मजबूत करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य लोगों के स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना भी है।
समयबद्ध तरीके से पूरा करने का दावा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सरकार केवल कागजों पर योजनाओं की घोषणा करने में विश्वास नहीं रखती, बल्कि परियोजनाओं को जमीन पर समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने 47.38 करोड़ रुपये की इस परियोजना को सरकार की इसी सोच का उदाहरण बताया। सरकार का लक्ष्य धूरी में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ शहर की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे में सुधार करना है।
लाल डोरा में आने वाली जमीनों के पंजीकरण की प्रक्रिया भी शुरू
धूरी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने लाल डोरा क्षेत्र में आने वाली जमीनों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा भी की। इसका उद्देश्य संबंधित निवासियों को उनके घरों पर स्थायी मालिकाना हक प्राप्त करने में मदद करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धूरी शहर से उनका विशेष लगाव है और क्षेत्र के लोगों ने उन्हें जो प्यार और विश्वास दिया है, उसका जवाब बड़े और विकासात्मक प्रोजेक्टों के जरिए दिया जाएगा।
धूरी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार धूरी में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और लोगों की जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने धूरी के बरड़वाल गांव में 47.38 करोड़ रुपये की लागत वाले 14 MLD वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की नींव रखी है। नहरी पानी को ट्रीट कर पेयजल उपलब्ध कराने वाली इस परियोजना से करीब 85 हजार लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि इससे धूरी की जल आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी और भूजल पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
