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‘हम पंजाब की सेवा करने आए हैं, ट्रांसफर से पैसा कमाने नहीं’: भगवंत मान

7 अक्टूबर 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने कार्यालय से जुड़े कथित ‘कैश फॉर ट्रांसफर’ मामले को लेकर विपक्ष और जांच एजेंसियों पर निशाना साधा है। CBI की हालिया कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार पंजाब की सेवा करने के लिए आई है, न कि सरकारी अधिकारियों के ट्रांसफर से पैसा कमाने के लिए। उन्होंने जांच से डरने से भी इनकार करते हुए कहा कि उनकी सरकार जांच का सामना करेगी।

CBI की कार्रवाई पर CM मान ने उठाए सवाल

भगवंत मान ने CBI की कार्रवाई के समय पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के करीब 24 घंटे के भीतर जांच एजेंसी ने कार्रवाई शुरू कर दी। मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि क्या CBI केवल उन मामलों पर कार्रवाई करती है जो एक दिन पहले सामने आए हों, जबकि एजेंसी के पास कई पुराने मामले भी लंबित हैं।

मान ने यह भी दावा किया कि CBI की कार्रवाई कई घंटे तक चली, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि जांच में कुछ नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जांच से डरने वाली नहीं है और वह जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं।

‘ट्रांसफर से पैसा लेने नहीं आए’

मुख्यमंत्री ने अपने खिलाफ लगाए जा रहे कथित ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़े आरोपों पर सीधे सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य भ्रष्टाचार करना नहीं है।

मान के मुताबिक, उन पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि ट्रांसफर के जरिए पैसा लिया गया, लेकिन उन्होंने दावा किया कि जांच एजेंसियों को अब तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है। उन्होंने विशेष रूप से किसी WhatsApp चैट या अन्य सामग्री के मिलने से भी इनकार किया।

हाईकोर्ट ने CBI को जांच का निर्देश दिया था

यह मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश के बाद और गर्म हुआ है, जिसमें अदालत ने पंजाब सरकार के अधिकारियों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच CBI को सौंपने का निर्देश दिया था।

5 अक्टूबर को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने CBI को आपराधिक मामला दर्ज कर जांच करने और दो महीने के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। मामला ED की ओर से पंजाब के DGP को भेजे गए पत्रों में लगाए गए कथित ‘कैश फॉर ट्रांसफर’, ‘कैश फॉर पॉलिसी’ और ‘कैश फॉर टेंडर’ जैसे आरोपों से जुड़ा है।

ED ने लगाए हैं गंभीर आरोप

ED की ओर से सामने रखी गई सामग्री में मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े अधिकारी राजबीर सिंह घुम्मन और उनके कथित सहयोगियों को लेकर आरोप लगाए गए हैं। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि सरकारी अधिकारियों की पोस्टिंग और ट्रांसफर, गोपनीय सरकारी दस्तावेजों और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में कथित तौर पर हस्तक्षेप किया गया।

इन आरोपों की जांच अब CBI द्वारा की जानी है। हालांकि, आरोपों का अंतिम सच जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी

पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के CBI जांच के निर्देश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इसी बीच जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।

भगवंत मान ने आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता केंद्र की ओर से किसी भी तरह का दबाव स्वीकार नहीं करेगी।

मान ने BJP पर भी साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने CBI की कार्रवाई को चुनावी राजनीति से भी जोड़कर देखा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आने पर विपक्षी नेताओं, उनके सहयोगियों और परिवार के सदस्यों को जांच एजेंसियों के जरिए परेशान किया जाता है।

मान ने कहा कि उनकी सरकार और पार्टी को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब सरकार किसी जांच से पीछे नहीं हटेगी और जांच एजेंसियों के सामने अपना पक्ष रखेगी।

जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई

फिलहाल ‘कैश फॉर ट्रांसफर’ से जुड़े आरोपों की जांच CBI के पास है। ED द्वारा लगाए गए आरोप और मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से उनका खंडन—दोनों इस मामले का हिस्सा हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या किसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई बनती है।

कुल मिलाकर, CBI की कार्रवाई के बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कथित ‘कैश फॉर ट्रांसफर’ आरोपों को लेकर अपनी सरकार का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार पंजाब की सेवा करने आई है, ट्रांसफर से पैसा कमाने नहीं। साथ ही उन्होंने जांच से डरने से इनकार करते हुए कहा कि सरकार जांच का सामना करेगी।

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