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रोहतक रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा टला, चलती ट्रेन से 200 मीटर तक घसीटा गया यात्री, महिला हेड कांस्टेबल ने बचाई जान

12 अक्टूबर 2026:  हरियाणा के रोहतक रेलवे स्टेशन पर शनिवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। दिल्ली जा रही ट्रेन में चढ़ने की कोशिश के दौरान एक यात्री का पैर फिसल गया, जिसके बाद वह चलती ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंसकर करीब 200 मीटर तक घसीटता चला गया। मौके पर तैनात एक महिला हेड कांस्टेबल की सतर्कता और यात्रियों की तत्परता से उसकी जान बच गई।

चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश के दौरान फिसला पैर

मिली जानकारी के अनुसार, यात्री तरुण रोहतक से दिल्ली जाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचा था। इसी दौरान उसने चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश की। संतुलन बिगड़ने से उसका पैर फिसल गया और वह ट्रेन के साथ घिसटने लगा। स्थिति बेहद खतरनाक थी, क्योंकि थोड़ी सी चूक होने पर वह ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच आ सकता था।

महिला हेड कांस्टेबल ने दिखाई बहादुरी

घटना के समय ड्यूटी पर तैनात महिला हेड कांस्टेबल ने यात्री को मुसीबत में देखकर तुरंत कार्रवाई की। वह चलती ट्रेन के साथ दौड़ी और यात्रियों को जोर-जोर से आवाज लगाकर स्थिति के बारे में बताया। उनकी चेतावनी सुनकर ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने इमरजेंसी चेन खींच दी, जिससे ट्रेन रुक गई।

यात्रियों ने भी नहीं छोड़ा साथ

जब तक ट्रेन रुक नहीं गई, तब तक दो यात्रियों ने तरुण के हाथ मजबूती से पकड़े रखे। इससे उसे ट्रेन के साथ घिसटते समय सहारा मिला। ट्रेन रुकने के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाला गया। महिला हेड कांस्टेबल और यात्रियों की समय पर दिखाई गई सूझबूझ के कारण एक संभावित जानलेवा हादसा टल गया।

जल्दबाजी में उठाया गया कदम पड़ सकता था भारी

इस घटना ने एक बार फिर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा नियमों का पालन करने की जरूरत को सामने ला दिया है। चलती ट्रेन में चढ़ना या उतरना बेहद खतरनाक हो सकता है। जल्दबाजी में उठाया गया ऐसा कदम यात्री की जान को जोखिम में डाल सकता है और दूसरे यात्रियों तथा रेलवे कर्मचारियों के लिए भी आपात स्थिति पैदा कर सकता है।

रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को हमेशा ट्रेन के पूरी तरह रुकने का इंतजार करना चाहिए। यदि ट्रेन छूट रही हो, तो उसे पकड़ने के लिए दौड़ना या दरवाजे पर लटकने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

सतर्कता और सूझबूझ से बची जान

रोहतक स्टेशन पर हुई इस घटना में महिला हेड कांस्टेबल की त्वरित कार्रवाई और यात्रियों की मदद ने अहम भूमिका निभाई। अगर समय रहते ट्रेन की इमरजेंसी चेन नहीं खींची जाती और यात्रियों ने तरुण को संभालकर नहीं रखा होता, तो परिणाम गंभीर हो सकते थे। घटना रेलवे सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने और आपात स्थिति में तुरंत मदद करने के महत्व को भी दर्शाती है।

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