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हरियाणा में स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या में रेवाड़ी तीसरे स्थान पर

12 अक्टूबर 2026: हरियाणा में स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या को लेकर जारी आंकड़ों में रेवाड़ी जिला तीसरे स्थान पर सामने आया है। चालू शैक्षणिक वर्ष के दौरान जिले के सरकारी और निजी स्कूलों से कुल 1,030 विद्यार्थियों के स्कूल छोड़ने की जानकारी सामने आई है। इस सूची में गुरुग्राम पहले और नूंह दूसरे स्थान पर है। आंकड़े यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस (UDISE+) से जुड़े हैं।

गुरुग्राम पहले और नूंह दूसरे स्थान पर

आंकड़ों के अनुसार, चालू शैक्षणिक वर्ष में गुरुग्राम जिले में सबसे अधिक 1,122 विद्यार्थियों ने स्कूल छोड़ा। इसके बाद नूंह में 1,054 विद्यार्थियों के स्कूल छोड़ने का आंकड़ा दर्ज किया गया। रेवाड़ी 1,030 विद्यार्थियों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

इसके अलावा, करनाल में 928 और फरीदाबाद में 927 विद्यार्थियों के स्कूल छोड़ने की जानकारी सामने आई है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि राज्य के कई जिलों में विद्यार्थियों को स्कूल में बनाए रखना शिक्षा विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है।

तीन वर्षों में 6,562 विद्यार्थियों की संख्या घटी

रेवाड़ी जिले में सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के नामांकन में भी गिरावट दर्ज की गई है। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2023 से 2026 के बीच जिले के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की कुल संख्या में 6,562 की कमी आई है।

हालांकि, विद्यार्थियों की संख्या में कमी और स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों के आंकड़े अलग-अलग संकेतक हैं। नामांकन में गिरावट के पीछे के कारणों को समझने के लिए विद्यार्थियों के स्कूल बदलने, पढ़ाई छोड़ने और अन्य परिस्थितियों की जानकारी का विश्लेषण जरूरी है।

प्राथमिक शिक्षा के स्तर पर स्थिति बेहतर

आंकड़ों में एक सकारात्मक पहलू भी सामने आया है। हरियाणा शिक्षा विभाग के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ जिलों में कक्षा पहली से आठवीं तक के स्तर पर स्कूल छोड़ने की दर लगभग शून्य रही।

इससे संकेत मिलता है कि प्रारंभिक शिक्षा के स्तर पर विद्यार्थियों को स्कूल से जोड़े रखने में इन जिलों की स्थिति बेहतर रही। हालांकि, चालू शैक्षणिक वर्ष के कुल ड्रॉपआउट आंकड़े यह सवाल उठाते हैं कि उच्च कक्षाओं और अन्य स्तरों पर विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने के लिए क्या अतिरिक्त कदम उठाने की जरूरत है।

विद्यार्थियों को स्कूल से जोड़े रखना बड़ी चुनौती

स्कूल छोड़ने के पीछे अलग-अलग कारण हो सकते हैं। आर्थिक कठिनाइयां, परिवार की जिम्मेदारियां, पढ़ाई में परेशानी, स्कूल तक पहुंच और अन्य व्यक्तिगत परिस्थितियां विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि, रेवाड़ी के इन आंकड़ों में स्कूल छोड़ने के विशिष्ट कारणों का विवरण उपलब्ध नहीं है।

ऐसे में जरूरी है कि शिक्षा विभाग स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों की पहचान कर उनके परिवारों से संपर्क करे और यह पता लगाए कि उन्होंने पढ़ाई क्यों छोड़ी। जिन विद्यार्थियों की शिक्षा बीच में रुक गई है, उन्हें दोबारा स्कूल से जोड़ने के प्रयास भी महत्वपूर्ण हैं।

विद्यार्थियों की स्थिति का रिकॉर्ड रखना जरूरी

स्कूल छोड़ने के आंकड़ों के साथ यह पता लगाना भी अहम है कि संबंधित विद्यार्थी किसी दूसरे स्कूल में दाखिल हुए हैं या उन्होंने पूरी तरह पढ़ाई छोड़ दी है। सही रिकॉर्ड से शिक्षा विभाग को वास्तविक स्थिति समझने और जरूरत के अनुसार कदम उठाने में मदद मिल सकती है।

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