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अंबाला में नवरात्र के तीसरे दिन मां काली का 300 किलो दूध से अभिषेक, मंदिर में उमड़े श्रद्धालु

13 अक्टूबर 2026: हरियाणा के अंबाला में शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन मां काली के मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान किया गया। इस अवसर पर देवी की प्रतिमा को करीब 300 किलोग्राम दूध से स्नान कराया गया। इस परंपरा में शामिल होने के लिए सुबह से ही श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे। भक्तों ने मां काली के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।

नवरात्र के तीसरे दिन हुआ विशेष अभिषेक

नवरात्र के दौरान देशभर के मंदिरों में देवी के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। अंबाला के श्री महाकाली मां दुखभंजनी मंदिर में भी तीसरे दिन विशेष धार्मिक आयोजन की परंपरा है। इस दौरान मां काली की प्रतिमा का दूध से अभिषेक किया जाता है। यह अनुष्ठान मंदिर की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में शामिल है।

सुबह से मंदिर पहुंचने लगे श्रद्धालु

दूध से अभिषेक के दौरान भक्तों ने श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की। नवरात्र के अवसर पर मंदिरों में विशेष सजावट की जाती है और श्रद्धालु बड़ी संख्या में माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। अंबाला में भी नवरात्र के दिनों में धार्मिक माहौल देखने को मिलता है।

अभिषेक के बाद प्रसाद बांटने की परंपरा

मंदिर में दूध से स्नान कराने के बाद प्रसाद तैयार करने और श्रद्धालुओं में बांटने की परंपरा भी रही है। वर्ष 2025 में इसी मंदिर में दूध अभिषेक के बाद खीर बनाकर भक्तों को प्रसाद के रूप में वितरित किया गया था। हालांकि, इस वर्ष प्रसाद वितरण से जुड़ी विस्तृत जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

नवरात्र में देवी आराधना का विशेष महत्व

शारदीय नवरात्र नौ दिनों तक मनाया जाने वाला पर्व है। इन दिनों भक्त उपवास रखते हैं, मंदिरों में पूजा करते हैं और देवी दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना करते हैं। तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानीय परंपराओं के अनुसार विशेष अनुष्ठान भी आयोजित किए जाते हैं।

अंबाला के मंदिर में मां काली की प्रतिमा का दूध से अभिषेक इसी धार्मिक आस्था और परंपरा का हिस्सा है। इस तरह के आयोजन नवरात्र के दौरान मंदिरों में भक्तों की भागीदारी और सामुदायिक धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं।

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