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रोहतक में 7,667 पुराने वाहनों पर कार्रवाई की तैयारी, सड़क या घर पर मिले तो भेजे जाएंगे स्क्रैप सेंटर

13 अक्टूबर 2026: हरियाणा के रोहतक जिले में निर्धारित आयु सीमा पूरी कर चुके वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग और पुलिस ने सख्ती की तैयारी कर ली है। जिले में कुल 7,667 पुराने पेट्रोल और डीजल वाहन चिन्हित किए गए हैं। अधिकारियों ने वाहन मालिकों को निर्देश दिया है कि वे इन वाहनों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) से बाहर ले जाएं या निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्क्रैप कराएं। नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

7,667 वाहनों में डीजल गाड़ियों की संख्या सबसे ज्यादा

जिला परिवहन अधिकारी वीरेंद्र सिंह ढुल के अनुसार, रोहतक में चिन्हित 7,667 वाहनों में 1,256 पेट्रोल और 6,411 डीजल वाहन शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि ये वाहन निर्धारित आयु सीमा पार कर चुके हैं और इन्हें लेकर नियमों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है।

वाहनों की श्रेणी के अनुसार, चिन्हित पेट्रोल गाड़ियों में 16 बीएस-I, 70 बीएस-II, 945 बीएस-III और 225 बीएस-IV वाहन हैं। वहीं, डीजल वाहनों में 131 बीएस-I, 238 बीएस-II, 2,247 बीएस-III और 3,795 बीएस-IV वाहन शामिल हैं।

पेट्रोल और डीजल वाहनों के लिए अलग-अलग आयु सीमा

अधिकारियों के मुताबिक, NCR में पेट्रोल वाहनों के लिए 15 साल और डीजल वाहनों के लिए 10 साल की आयु सीमा निर्धारित की गई है। यह प्रतिबंध सुप्रीम कोर्ट और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों से संबंधित हैं।

पुराने वाहनों को हटाने का उद्देश्य प्रदूषण पर नियंत्रण करना और क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता सुधारना है। हालांकि, वाहन मालिकों को अपने वाहन के ईंधन प्रकार, उत्सर्जन मानक और लागू नियमों के अनुसार स्थिति की पुष्टि करनी चाहिए।

वाहन मालिकों को पहले ही दिए गए थे नोटिस

जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि व्यावसायिक वाहनों के मालिकों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं। उन्हें आवश्यक प्रक्रिया पूरी करके अपने वाहनों को NCR से बाहर ले जाने या स्क्रैप कराने के लिए समय दिया गया था। अधिकारियों के अनुसार, व्यावसायिक वाहनों को हटाने की निर्धारित समय-सीमा समाप्त हो चुकी है।

परिवहन विभाग और पुलिस ने अब ऐसे वाहनों की पहचान करने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई करने के लिए विशेष टीमें बनाई हैं। संबंधित अधिकारियों ने वाहन मालिकों से जल्द आवश्यक कदम उठाने की अपील की है।

सड़क या घर पर मिलने पर भी हो सकती है कार्रवाई

जिला परिवहन अधिकारी के अनुसार, चिन्हित आयु-सीमा पार कर चुके वाहन सड़क पर चलते हुए या उनके मालिक के घर पर खड़े पाए जाने पर कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि ऐसे वाहनों को निर्धारित स्क्रैपिंग सुविधा केंद्र भेजा जा सकता है।

स्क्रैपिंग के बाद प्राप्त राशि को जिला खजाना कार्यालय में जमा कराने की बात भी कही गई है। इसलिए वाहन मालिकों को अपने वाहन की स्थिति और विभाग की ओर से जारी निर्देशों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

परिवहन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें करेंगी निगरानी

वाहनों के खिलाफ अभियान को लेकर परिवहन विभाग और पुलिस के बीच बैठक भी हुई। इसमें कार्रवाई की समीक्षा की गई और चिन्हित वाहनों के संबंध में नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

विशेष टीमें ऐसे वाहनों की पहचान करेंगी जो निर्धारित आयु सीमा पूरी करने के बावजूद NCR में मौजूद हैं। अधिकारियों का उद्देश्य पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना और लागू निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करना है।

वाहन मालिक क्या करें?

जिन लोगों के वाहन चिन्हित सूची में शामिल हैं, उन्हें अपने वाहन के दस्तावेज, पंजीकरण प्रमाणपत्र और उत्सर्जन मानक की जांच करनी चाहिए। यदि वाहन के संबंध में परिवहन विभाग से नोटिस मिला है, तो उसमें दिए गए निर्देशों के अनुसार कार्रवाई करना जरूरी है।

वाहन मालिकों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके वाहन के लिए कौन-से नियम लागू होते हैं और क्या उसे NCR से बाहर ले जाने, बेचने या अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्र पर भेजने की आवश्यकता है। किसी भी भ्रम की स्थिति में संबंधित परिवहन कार्यालय से जानकारी लेना बेहतर होगा।

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