24 सितंबर 2026 केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने दक्षिण हरियाणा के लोगों से जातिगत और सामाजिक विभाजनों से ऊपर उठकर एकजुट रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों के लोग साथ मिलकर आगे बढ़ें तो बड़ी चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। वह बुधवार को हांसी में स्वतंत्रता सेनानी राव तुलाराम की शहादत दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
हांसी में 41 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण
कार्यक्रम के दौरान राव इंद्रजीत सिंह ने स्वतंत्रता सेनानी राव तुलाराम की करीब 41 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। यह कार्यक्रम दक्षिण हरियाणा से बाहर राव तुलाराम की शहादत दिवस पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की कड़ी में महत्वपूर्ण बताया गया। कार्यक्रम में भिवानी-महेंद्रगढ़ के सांसद धर्मबीर सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।
राव इंद्रजीत सिंह ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता संग्राम में राव तुलाराम के योगदान को याद किया और कहा कि आजादी की लड़ाई किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं थी। उनके अनुसार, विभिन्न समुदायों के लोगों ने स्वतंत्रता संघर्ष में योगदान दिया था।
36 बिरादरियों को साथ आने की अपील
राव इंद्रजीत सिंह ने समाज की 36 बिरादरियों की एकता पर जोर देते हुए कहा कि लोगों को जातिगत मतभेदों से ऊपर उठकर साथ रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि एकता समाज की ताकत है और अलग-अलग वर्गों के लोग मिलकर आगे बढ़ेंगे तो बड़ी लड़ाइयां भी सामूहिक रूप से लड़ी जा सकती हैं।
उन्होंने कार्यक्रम में अलग-अलग समुदायों की भागीदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पहल स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में सभी 36 समुदायों को एक साथ लाने की भावना से जुड़ी है।
राजनीतिक एकता का भी किया जिक्र
राव इंद्रजीत सिंह ने अपने संबोधन में राजनीतिक एकता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लोगों को एकजुट रहकर आने वाली राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना चाहिए। उन्होंने हरियाणा में लगातार तीसरी बार भाजपा सरकार बनने का उदाहरण देते हुए इसे एकता से जोड़कर अपनी बात रखी।
उन्होंने लोगों से जाति के आधार पर अलग-अलग होने के बजाय सामूहिक रूप से आगे बढ़ने की अपील की। उनके बयान में दक्षिण हरियाणा की सामाजिक एकजुटता और क्षेत्रीय हितों को लेकर भी जोर दिखाई दिया।
राव तुलाराम के योगदान को किया याद
राव इंद्रजीत सिंह ने स्वतंत्रता सेनानी राव तुलाराम के योगदान को याद करते हुए कहा कि अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष में समाज के अलग-अलग वर्गों ने भाग लिया था। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए आज की पीढ़ी को भी एकता की भावना बनाए रखने की जरूरत है।
कार्यक्रम में उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि उनके योगदान से प्रेरणा लेकर समाज को वर्तमान चुनौतियों का सामना करना चाहिए।
अगला कार्यक्रम हिसार में होगा
राव इंद्रजीत सिंह ने बताया कि राव तुलाराम की स्मृति में अगला ऐसा कार्यक्रम हिसार में आयोजित किया जाएगा। इस तरह के आयोजनों के जरिए स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और उनके इतिहास से लोगों को जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री और राव इंद्रजीत सिंह की बेटी आरती राव भी मौजूद थीं। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों की कहानियों को युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। आरती राव ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान की वजह से देश को आजादी मिली और वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि उनके इतिहास को सुरक्षित रखते हुए आगे की पीढ़ी तक पहुंचाए।
सामाजिक एकता पर जोर
राव इंद्रजीत सिंह के बयान में सामाजिक एकता के साथ-साथ क्षेत्रीय और राजनीतिक एकजुटता पर भी जोर रहा। उन्होंने कहा कि समाज में विभाजन पैदा करने वाली ताकतों के बजाय लोगों को एक साथ रहकर अपने मुद्दों और हितों के लिए आवाज उठानी चाहिए।
उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन की मिसाल देते हुए कहा कि उस समय अलग-अलग समुदायों के लोगों ने मिलकर संघर्ष किया था। उनके मुताबिक, आज भी समाज को इसी एकजुटता की भावना के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है।
