3 अगस्त, 2026 : पंजाब की एक महिला किसान ने जलभराव वाली खेती योग्य भूमि को नई पहचान देते हुए उसे झींगा (श्रिम्प) पालन के सफल व्यवसाय में बदल दिया है। जहां पहले खेतों में लगातार पानी भरने से खेती प्रभावित होती थी, वहीं अब वही जमीन बेहतर आय का स्रोत बन गई है।
महिला किसान ने पारंपरिक खेती की चुनौतियों को अवसर में बदलते हुए आधुनिक एक्वाकल्चर तकनीकों को अपनाया। उनके इस प्रयास से न केवल परिवार की आय में वृद्धि हुई, बल्कि आसपास के किसानों के लिए भी एक नई मिसाल स्थापित हुई है।
जलभराव से मिली नई दिशा
लगातार जलभराव के कारण फसलों का उत्पादन प्रभावित हो रहा था। ऐसे में महिला किसान ने विशेषज्ञों की सलाह लेकर झींगा पालन शुरू किया, जो अब लाभदायक व्यवसाय साबित हो रहा है।
बढ़ी आय, मिला नया रोजगार
झींगा पालन से बेहतर आर्थिक लाभ मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र में वैकल्पिक कृषि मॉडल को बढ़ावा मिल रहा है।
किसानों के लिए प्रेरणादायक मॉडल
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि जहां पारंपरिक खेती संभव नहीं है, वहां परिस्थितियों के अनुरूप वैकल्पिक कृषि और मत्स्य पालन जैसे मॉडल किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
