9 मई 2026 : पंजाब में इस बार गेहूं की रिकॉर्ड खरीद के बाद भंडारण एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है।
जानकारी के अनुसार मंडियों में भारी मात्रा में गेहूं पहुंचने के कारण सरकारी एजेंसियों और भंडारण केंद्रों पर दबाव बढ़ गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि उत्पादन और खरीद बढ़ना किसानों के लिए सकारात्मक संकेत है, लेकिन पर्याप्त भंडारण व्यवस्था न होने से बड़ी मात्रा में अनाज के खराब होने का खतरा भी पैदा हो सकता है।
सरकारी एजेंसियां अतिरिक्त गोदामों और अस्थायी भंडारण स्थलों की व्यवस्था करने में जुटी हुई हैं, ताकि गेहूं को सुरक्षित रखा जा सके।
बताया जा रहा है कि कई स्थानों पर खुले में गेहूं रखने की स्थिति बन रही है, जिससे मौसम और नमी का असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय से पंजाब में कृषि उत्पादन लगातार बढ़ा है, लेकिन उसी अनुपात में आधुनिक भंडारण ढांचे का विस्तार नहीं हो पाया।
इस स्थिति का असर खरीद प्रक्रिया और परिवहन व्यवस्था पर भी देखने को मिल रहा है।
किसानों का कहना है कि समय पर उठान और उचित भंडारण जरूरी है, ताकि उनकी मेहनत सुरक्षित रह सके।
कुल मिलाकर पंजाब में रिकॉर्ड गेहूं खरीद जहां कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत है, वहीं बढ़ते स्टॉक का प्रबंधन सरकार और एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
