9 मई 2026 : वीके सक्सेना ने कहा है कि विकास और आधुनिकीकरण जरूरी हैं, लेकिन यह देश की सभ्यतागत और सांस्कृतिक विरासत की कीमत पर नहीं होना चाहिए।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ऐतिहासिक धरोहरों और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए ही आधुनिक विकास की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
जानकारी के अनुसार दिल्ली एलजी ने यह बात एक कार्यक्रम के दौरान कही, जहां विरासत संरक्षण और शहरी विकास पर चर्चा की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच ऐतिहासिक इमारतों और सांस्कृतिक धरोहरों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
एलजी ने कहा कि नई परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास में सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक महत्व को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने समाज से भी अपील की कि लोग अपनी विरासत के संरक्षण के प्रति जागरूक रहें और ऐतिहासिक स्थलों की देखभाल में सहयोग करें।
सांस्कृतिक विशेषज्ञों का कहना है कि विरासत संरक्षण और आधुनिक विकास के बीच संतुलन बनाना किसी भी शहर की दीर्घकालिक पहचान के लिए बेहद जरूरी है।
कुल मिलाकर दिल्ली एलजी का यह बयान आधुनिक विकास के साथ सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर जोर देता है।
