4 सितंबर 2026 पंजाब के युवा धावकों ने 21वीं नेशनल यूथ एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए 1,000 मीटर स्प्रिंट मेडली में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। लुधियाना के गुरु नानक स्टेडियम में आयोजित चैंपियनशिप के अंतिम दिन पंजाब की टीम ने कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच शानदार प्रदर्शन किया और गोल्ड मेडल जीतकर राज्य का नाम रोशन किया।
पंजाब की टीम ने दिखाया शानदार दमखम
1,000 मीटर स्प्रिंट मेडली में पंजाब की टीम में कशिश, मनमीत कौर, टी. ढिल्लों और सेहनूर बावा शामिल थे। मुकाबला शुरुआत से ही काफी रोमांचक रहा और शीर्ष टीमों के बीच बहुत कम अंतर था।
पंजाब के युवा धावकों ने दबाव के बावजूद अपनी गति और तालमेल बनाए रखा। आखिरकार टीम ने 2:13.18 के समय के साथ फिनिश लाइन पार कर स्वर्ण पदक हासिल किया।
महाराष्ट्र को सिल्वर, हरियाणा ने जीता ब्रॉन्ज
स्प्रिंट मेडली के इस मुकाबले में महाराष्ट्र की टीम ने 2:14.30 के समय के साथ दूसरा स्थान हासिल किया और उसे रजत पदक मिला। वहीं हरियाणा की टीम ने 2:14.59 के समय के साथ तीसरा स्थान हासिल कर कांस्य पदक अपने नाम किया।
पंजाब और बाकी टीमों के बीच अंतर बेहद कम रहा, जिससे मुकाबले की प्रतिस्पर्धा का अंदाजा लगाया जा सकता है। अंतिम चरण में पंजाब के धावकों ने संयम बनाए रखते हुए अपनी बढ़त को बरकरार रखा।
गुरु नानक स्टेडियम में हुआ चैंपियनशिप का समापन
21वीं नेशनल यूथ एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन लुधियाना के गुरु नानक स्टेडियम में किया गया। चैंपियनशिप के अंतिम दिन भी विभिन्न एथलेटिक्स स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।
पंजाब के लिए 1,000 मीटर स्प्रिंट मेडली में मिला गोल्ड इस प्रतियोगिता का यादगार परिणाम रहा। घरेलू ट्रैक पर पंजाब के युवा खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से दर्शकों और खेल प्रेमियों को प्रभावित किया।
शॉटपुट में भी पंजाब की खिलाड़ी ने जीता सिल्वर
चैंपियनशिप के अंतिम दिन पंजाब के लिए एक और उपलब्धि शॉटपुट में देखने को मिली। जैस्मिन कौर ने 15.62 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत पदक हासिल किया।
इस स्पर्धा में हरियाणा की अंजलि ने 16.02 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि राजस्थान की द्रोणा चौधरी 15.40 मीटर के प्रदर्शन के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
100 मीटर हर्डल्स और 200 मीटर में भी कड़ा मुकाबला
100 मीटर हर्डल्स में कर्नाटक की नूपुरा होला ने 13.78 सेकंड के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया। तमिलनाडु की राजश्री वीबी दूसरे और उत्तर प्रदेश की खुशी पटेल तीसरे स्थान पर रहीं।
महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में महाराष्ट्र की भूमिका नेहाते ने 23.92 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। तमिलनाडु की सहाया जेमिमा एम ने 24.54 सेकंड के साथ रजत और महाराष्ट्र की सावरी कुलकर्णी ने 24.67 सेकंड के साथ कांस्य पदक जीता।
पुरुष वर्ग में भी खिलाड़ियों ने दिखाई प्रतिभा
पुरुषों की 200 मीटर दौड़ में महाराष्ट्र के मानस शिंदे ने 21.51 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। पश्चिम बंगाल के मेहबुबुल अहमद और उत्तर प्रदेश के हरित चौधरी ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया।
हाई जंप में झारखंड के हिमांशु कुमार सिंह ने 2.09 मीटर की छलांग लगाकर पहला स्थान हासिल किया। वहीं लॉन्ग जंप में बिहार के प्रेम राज ने 7.58 मीटर के प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक जीता।
पंजाब के लिए बढ़ी उम्मीदें
पंजाब के युवा खिलाड़ियों का इस तरह का प्रदर्शन राज्य में एथलेटिक्स के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। घरेलू मैदान पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में गोल्ड जीतना खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला है।
1,000 मीटर स्प्रिंट मेडली में कशिश, मनमीत कौर, टी. ढिल्लों और सेहनूर बावा की जीत यह भी दिखाती है कि टीम स्पर्धाओं में बेहतर तालमेल और अंतिम समय तक दबाव बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है।
युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा
नेशनल यूथ एथलेटिक्स चैंपियनशिप जैसी प्रतियोगिताएं युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देती हैं। पंजाब की टीम की यह सफलता दूसरे उभरते हुए एथलीटों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है।
राज्य के खिलाड़ियों से आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है।
