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पंजाब के पॉलिटेक्निक छात्रों को बड़ा तोहफा, इंटर्नशिप के दौरान हर महीने मिलेगा ₹5,000 स्टाइपेंड

4 सितंबर 2026 पंजाब सरकार ने सरकारी पॉलिटेक्निक में पढ़ने वाले डिप्लोमा छात्रों के लिए बड़ी पहल की है। राज्य के 26 सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों के छात्रों को औद्योगिक इंटर्नशिप के दौरान हर महीने ₹5,000 स्टाइपेंड दिया जाएगा। यह राशि लगातार चार महीने तक प्रदान की जाएगी।

तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस पहल की जानकारी दी। सरकार के इस फैसले से छठे सेमेस्टर में पढ़ने वाले करीब 2,500 छात्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

चार महीने तक मिलेगा ₹5,000 मासिक स्टाइपेंड

नई पहल के तहत पात्र डिप्लोमा छात्रों को उनकी औद्योगिक इंटर्नशिप के दौरान प्रत्येक महीने ₹5,000 दिए जाएंगे। चार महीने की अवधि के हिसाब से एक छात्र को कुल ₹20,000 तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है।

इस पहल का उद्देश्य छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ वास्तविक औद्योगिक वातावरण में काम करने का अनुभव देना और इंटर्नशिप के दौरान उन्हें आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है।

26 सरकारी पॉलिटेक्निक के छात्रों को मिलेगा लाभ

यह योजना पंजाब के 26 सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों में लागू की जा रही है। इसके तहत छठे सेमेस्टर में पढ़ने वाले लगभग 2,500 छात्रों को लाभ मिलेगा।

तकनीकी शिक्षा विभाग की इस पहल को सरकारी पॉलिटेक्निक में पढ़ने वाले छात्रों को उद्योगों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे छात्रों को अपने तकनीकी ज्ञान को व्यावहारिक स्तर पर इस्तेमाल करने का अवसर मिलेगा।

औद्योगिक इंटर्नशिप को बनाया गया जरूरी

यह पहल पंजाब स्टेट बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (PSBTE) के उस पहले के फैसले के बाद सामने आई है, जिसके तहत डिप्लोमा छात्रों के लिए सेमेस्टर-लंबी औद्योगिक इंटर्नशिप अनिवार्य की गई थी।

सरकार का मानना है कि तकनीकी शिक्षा केवल कक्षा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। छात्रों को उद्योगों में काम करने का अनुभव मिलने से उन्हें मशीनरी, उत्पादन प्रक्रिया, कार्यस्थल की जरूरतों और पेशेवर माहौल को समझने में मदद मिलेगी।

इस साल पहली बैच ने पूरी की ट्रेनिंग

इस कार्यक्रम के तहत पहली बैच ने इस साल जून में अपना प्रशिक्षण पूरा किया। रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी से जून 2026 के दौरान छह इंजीनियरिंग विषयों से जुड़े 1,423 छात्रों ने निगरानी में क्रेडिट आधारित औद्योगिक प्रशिक्षण पूरा किया।

इस अनुभव के आधार पर सरकार अब इंटर्नशिप कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने तथा छात्रों को उद्योगों से अधिक मजबूती से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है।

पॉलिटेक्निक संस्थानों को आधुनिक बनाने पर जोर

तकनीकी शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि राज्य के पॉलिटेक्निक संस्थानों को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। इसके लिए संस्थानों में Centres of Excellence, आधुनिक मशीनरी और Innovation Labs विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।

इसका उद्देश्य छात्रों को ऐसी तकनीकी शिक्षा देना है, जो उन्हें रोजगार और उद्योग की बदलती जरूरतों के लिए तैयार कर सके।

शिक्षकों और संस्थानों की क्षमता बढ़ाने की तैयारी

सरकार की ओर से केवल छात्रों के प्रशिक्षण पर ही ध्यान नहीं दिया जा रहा, बल्कि पॉलिटेक्निक संस्थानों के प्रबंधन और शिक्षण व्यवस्था को भी मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, पॉलिटेक्निक के प्रिंसिपलों और वरिष्ठ अधिकारियों को IIM अहमदाबाद और IIM अमृतसर में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे संस्थानों में नेतृत्व और प्रबंधन क्षमता को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है।

उद्योगों के साथ बढ़ेगा जुड़ाव

सरकार पॉलिटेक्निक छात्रों को बड़े औद्योगिक संगठनों के साथ जोड़ने पर भी जोर दे रही है। इसके तहत Tata Steel जैसी संस्थाओं में इंडस्ट्री इमर्शन को बढ़ावा देने की बात कही गई है।

इस तरह के कार्यक्रमों से छात्रों को वास्तविक कार्यस्थल की परिस्थितियों को समझने, तकनीकी समस्याओं का समाधान सीखने और उद्योग की कार्यप्रणाली से परिचित होने का मौका मिल सकता है।

छात्रों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की कोशिश

औद्योगिक इंटर्नशिप के दौरान छात्रों को व्यावहारिक अनुभव मिलने से उनके भविष्य के रोजगार अवसरों को भी बढ़ावा मिल सकता है। कंपनियों को ऐसे छात्रों की क्षमताओं को समझने का अवसर मिलेगा, जबकि छात्रों को अपनी तकनीकी दक्षता और कार्य अनुभव दिखाने का मौका मिलेगा।

₹5,000 मासिक स्टाइपेंड की व्यवस्था छात्रों के लिए आर्थिक रूप से भी मददगार हो सकती है, खासकर उन विद्यार्थियों के लिए जो इंटर्नशिप के दौरान आने वाले यात्रा और अन्य खर्चों का सामना करते हैं।

तकनीकी शिक्षा को रोजगार से जोड़ने पर फोकस

पंजाब सरकार की इस पहल से तकनीकी शिक्षा को रोजगार और उद्योग की जरूरतों के साथ जोड़ने की कोशिश साफ दिखाई देती है। आधुनिक मशीनरी, इनोवेशन लैब, इंडस्ट्री इंटर्नशिप और विशेषज्ञ संस्थानों में प्रशिक्षण जैसे कदमों के जरिए सरकारी पॉलिटेक्निक के छात्रों को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।

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