18 जुलाई 2026 भीषण गर्मी और खरीफ सीजन के दौरान कृषि गतिविधियों में तेजी के बीच पंजाब में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। बढ़ते तापमान, घरेलू बिजली खपत और खेतों में सिंचाई के लिए ट्यूबवेलों के अधिक उपयोग के कारण राज्य का बिजली लोड अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर दर्ज किया गया।
बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गर्मी के कारण एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग बढ़ने से घरेलू मांग में तेजी आई है। वहीं, धान की खेती के मौसम में किसानों द्वारा सिंचाई के लिए बिजली चालित ट्यूबवेलों का व्यापक उपयोग भी बिजली खपत बढ़ने का प्रमुख कारण है।
राज्य सरकार और बिजली वितरण कंपनियों का कहना है कि बढ़ी हुई मांग के बावजूद उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। बिजली उत्पादन और आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की कमी या बड़े स्तर की कटौती से बचा जा सके।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ती गर्मी और कृषि क्षेत्र की मौसमी जरूरतों को देखते हुए भविष्य में भी बिजली की मांग लगातार बढ़ सकती है। ऐसे में उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नवीकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहन देने और ऊर्जा दक्षता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होगी।
सरकार ने उपभोक्ताओं से भी बिजली का जिम्मेदारी से उपयोग करने और अनावश्यक खपत से बचने की अपील की है, ताकि पीक डिमांड के दौरान बिजली व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
