• Wed. Jul 1st, 2026

पंजाब में धान किसानों की बढ़ी चिंता, सूखे खेतों और बढ़ती लागत ने बढ़ाई मुश्किलें

1 जुलाई 2026 :  पंजाब में धान की खेती करने वाले किसानों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। कई इलाकों में खेतों में नमी की कमी और दरारें दिखाई देने लगी हैं, जबकि सिंचाई की समस्या और बढ़ती लागत ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है।

किसानों का कहना है कि समय पर पर्याप्त बारिश नहीं होने और बिजली आपूर्ति में बाधा के कारण उन्हें सिंचाई के लिए अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। कुछ किसान पानी की कमी पूरी करने के लिए वैकल्पिक साधनों पर निर्भर हो रहे हैं, जिससे खेती का खर्च बढ़ रहा है।

सिंचाई की कमी बनी बड़ी चुनौती

धान की फसल के लिए पर्याप्त पानी की जरूरत होती है। लेकिन मौसम की अनिश्चितता और सिंचाई व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के कारण कई किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

किसानों का कहना है कि अगर समय पर पानी नहीं मिला तो फसल की गुणवत्ता और उत्पादन पर असर पड़ सकता है।

बढ़ती लागत ने बढ़ाई परेशानी

धान की खेती में बीज, खाद, मजदूरी, मशीनरी और सिंचाई पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ रहा है। किसानों को डर है कि बढ़ती लागत के मुकाबले आमदनी का संतुलन बिगड़ सकता है।

कृषि विशेषज्ञ भी पंजाब में खेती की बढ़ती लागत, पानी की कमी और पारंपरिक फसल चक्र पर दबाव को बड़ी चुनौतियों में गिनते हैं।

किसानों ने मांगी राहत

किसानों का कहना है कि सरकार को सिंचाई व्यवस्था मजबूत करने, बिजली आपूर्ति बेहतर करने और खेती की लागत कम करने के लिए कदम उठाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि धान सीजन में किसानों को समय पर सहायता मिलने से फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है।

पंजाब की कृषि के लिए बड़ी चुनौती

पंजाब देश के प्रमुख धान उत्पादक राज्यों में शामिल है, लेकिन पानी की कमी और बढ़ती लागत खेती के भविष्य के लिए चुनौती बन रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसानों को टिकाऊ खेती और बेहतर संसाधनों की जरूरत है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *