2 जुलाई 2026 : पंजाब में मानसून की सक्रियता और लगातार हो रही बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। इसके साथ ही राज्य में बिजली की मांग में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के अनुसार, कुछ दिन पहले जहां बिजली की मांग करीब 17,000 मेगावाट तक पहुंच गई थी, वहीं अब यह घटकर लगभग 8,000 मेगावाट रह गई है।
तापमान में गिरावट का दिखा असर
बारिश के कारण तापमान में करीब 4 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम ठंडा होने से एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य बिजली से चलने वाले उपकरणों का उपयोग कम हुआ, जिससे बिजली की खपत में उल्लेखनीय कमी आई।
बिजली व्यवस्था पर घटा दबाव
बिजली की मांग कम होने से राज्य के बिजली उत्पादन और वितरण तंत्र पर दबाव भी घटा है। इससे बिजली आपूर्ति को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने में मदद मिल रही है और संभावित ओवरलोड की स्थिति से राहत मिली है।
किसानों और आम लोगों को राहत
मानसून की बारिश से जहां किसानों को धान की फसल के लिए पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद है, वहीं आम लोगों को भी भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक पंजाब के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है।
मानसून से बदला मौसम का मिजाज
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मानसून सामान्य बना रहता है तो बिजली की मांग नियंत्रित रहेगी और कृषि क्षेत्र को भी इसका लाभ मिलेगा। इससे राज्य की बिजली व्यवस्था और जल संसाधनों पर सकारात्मक असर पड़ने की संभावना है।
