2 जुलाई 2026 : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान अकाल तख्त से जुड़े विवाद के बीच गुरुवार को बेंगलुरु के लिए रवाना हो गए। वह एक निजी वेलनेस संस्थान में चार दिन के डिटॉक्स (नैचुरोपैथी) कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस दौरान भी मुख्यमंत्री आवश्यक सरकारी कामकाज और फाइलों की समीक्षा करते रहेंगे।
अकाल तख्त विवाद के बीच हुआ दौरा
मुख्यमंत्री का यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब हाल ही में अकाल तख्त की ओर से उन्हें एक विवादित वीडियो संदेश और बेअदबी कानून से जुड़े घटनाक्रम को लेकर फटकार (censure) का सामना करना पड़ा है। इस घटनाक्रम के बाद पंजाब की राजनीति में लगातार बयानबाजी जारी है।
पहले भी ले चुके हैं नैचुरोपैथी उपचार
यह पहली बार नहीं है जब भगवंत मान स्वास्थ्य कारणों से बेंगलुरु के वेलनेस सेंटर पहुंचे हैं। इससे पहले भी वर्ष 2026 में उन्होंने थकान और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बाद नैचुरोपैथी और वेलनेस उपचार लिया था।
विपक्ष ने उठाए सवाल
मुख्यमंत्री के इस दौरे को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि ऐसे समय में जब राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दे चर्चा में हैं, मुख्यमंत्री का राज्य से बाहर जाना उचित नहीं है। वहीं सरकार का कहना है कि यह पहले से तय स्वास्थ्य कार्यक्रम है और प्रशासनिक कार्य प्रभावित नहीं होंगे।
