23 अगस्त 2026 पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर टीम ने अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 आधुनिक पिस्टल, मैगजीन और 9 एमएम के 10 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने इस कार्रवाई की जानकारी साझा की।
10 पिस्टल और 10 जिंदा कारतूस बरामद
पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से कुल 10 पिस्टल बरामद हुईं। इसके अलावा हथियारों की मैगजीन और 9 एमएम के 10 जिंदा राउंड भी मिले हैं। बरामदगी के बाद पुलिस ने हथियारों की तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश शुरू कर दी है।
काउंटर इंटेलिजेंस ने की कार्रवाई
यह कार्रवाई पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर यूनिट ने की। पुलिस के अनुसार, अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क के बारे में मिले इनपुट के आधार पर कार्रवाई की गई और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद हथियार कहां से लाए गए थे और इन्हें आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश
दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां इस नेटवर्क के दूसरे सदस्यों और हथियारों के संभावित खरीदारों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। पूछताछ के दौरान हथियारों की सप्लाई चेन से जुड़ी अहम जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल किसी आपराधिक वारदात में किया जाना था या नहीं।
पंजाब में अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान
पंजाब पुलिस की ओर से राज्य में अवैध हथियारों और हथियारों की तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अमृतसर जैसे सीमावर्ती जिले में हथियारों की तस्करी रोकना सुरक्षा एजेंसियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
अधिकारियों का कहना है कि ऐसे नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
जांच में सामने आएगी पूरी सप्लाई चेन
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच का मुख्य फोकस हथियारों के स्रोत, तस्करी के रास्ते और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान पर है।
कुल मिलाकर, अमृतसर काउंटर इंटेलिजेंस ने अवैध हथियार तस्करी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 10 पिस्टल, मैगजीन और 9 एमएम के 10 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस अब नेटवर्क के बाकी सदस्यों और हथियारों की सप्लाई के स्रोत का पता लगाने में जुटी है।
