6 सितंबर 2026 पंजाब में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। राज्य में अब तक 220 मरीजों के स्वाइन फ्लू से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। इसी बीच जालंधर में एक 85 वर्षीय व्यक्ति की मौत को इस सीजन की पहली संदिग्ध स्वाइन फ्लू मौत के तौर पर दर्ज किया गया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि मरीज पहले से कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहा था, इसलिए मौत का वास्तविक कारण केवल H1N1 को नहीं माना जा सकता। इसकी पुष्टि औपचारिक स्वास्थ्य ऑडिट के बाद ही होगी।
जालंधर में 85 वर्षीय व्यक्ति की मौत
मृतक की पहचान जालंधर के जमशेर खास के ताजपुर निवासी मूल राज (85) के रूप में हुई है। उन्हें सांस लेने में परेशानी के बाद जालंधर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मूल राज को पहले से क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) थी। उन्होंने 2 सितंबर को अमृतसर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में H1N1 के लिए जांच कराई थी, जिसमें संक्रमण की पुष्टि हुई थी। बाद में शुक्रवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मौत का कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि मृतक पहले से कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे और उनकी प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर थी। ऐसे में यह तय करना जल्दबाजी होगी कि मौत सीधे तौर पर H1N1 संक्रमण के कारण हुई।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इस मामले में औपचारिक स्वास्थ्य ऑडिट किया जाएगा। इसके बाद ही मौत के वास्तविक कारण को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने भी कहा कि 85 वर्षीय मरीज की मौत का कारण स्वाइन फ्लू होना संभवतः नहीं था।
पंजाब में 220 मरीज H1N1 पॉजिटिव
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जनवरी से अब तक पंजाब में 1,513 संदिग्ध स्वाइन फ्लू मरीजों की जांच की जा चुकी है। इनमें से 220 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
इन 220 मामलों में से 14 नए मामले शुक्रवार को सामने आए। राज्य में संक्रमण के मामलों में तेजी अगस्त महीने से देखने को मिली है।
लुधियाना में सबसे ज्यादा मामले
पंजाब में स्वाइन फ्लू से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में लुधियाना सबसे आगे है। यहां अब तक 72 मामले सामने आए हैं।
इसके बाद SAS नगर (मोहाली) में 36 मामले, पटियाला में 16, मोगा में 11 और जालंधर में 10 मामले दर्ज किए गए हैं। रोपड़ में नौ मामले सामने आए हैं, जबकि फाजिल्का में अब तक एक मामला दर्ज हुआ है। बाकी जिलों में मरीजों की संख्या दो से आठ के बीच है।
स्वास्थ्य विभाग की स्थिति पर नजर
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा है कि राज्य में H1N1 की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि इस साल सामने आया वायरस स्ट्रेन फिलहाल कोई नया या म्यूटेटेड स्ट्रेन नहीं पाया गया है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन स्वाइन फ्लू के लक्षणों को नजरअंदाज भी नहीं करना चाहिए। खासकर बुजुर्गों और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।
अगस्त से बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले
राज्य में स्वाइन फ्लू के मामलों में हालिया बढ़ोतरी अगस्त के बाद देखने को मिली है। बदलते मौसम और मौसमी respiratory infections के बीच स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाई है।
जालंधर में भी स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों और हाई-रिस्क ग्रुप को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लें और बिना घबराए सावधानी बरतें।
फ्लू कॉर्नर और आइसोलेशन यूनिट तैयार
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए पंजाब में फ्लू कॉर्नर और आइसोलेशन यूनिट स्थापित किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग संक्रमण की स्थिति पर नजर रखते हुए मरीजों की जांच और उपचार की व्यवस्था कर रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सांस लेने में परेशानी, लगातार बुखार, खांसी या कमजोरी जैसे लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। खासकर बुजुर्गों और पहले से फेफड़ों, हृदय या अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को लक्षण सामने आने पर जल्द चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को स्वच्छता का ध्यान रखने और संक्रमण के लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह दी जा रही है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतना और बीमार होने की स्थिति में दूसरों से दूरी रखना संक्रमण के प्रसार को कम करने में मदद कर सकता है।
