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चंडीगढ़ में 22 शिक्षकों को सम्मान, कटारिया ने बताया ‘राष्ट्र निर्माता’

6 सितंबर 2026 शिक्षक दिवस के अवसर पर चंडीगढ़ में आयोजित विशेष कार्यक्रम में 22 स्कूल शिक्षकों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने शिक्षकों को सम्मानित करते हुए उन्हें समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला बताया। यह कार्यक्रम शनिवार को शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित किया गया था।

22 शिक्षकों को मिला सम्मान

कार्यक्रम के दौरान कुल 22 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इनमें 16 शिक्षकों को स्टेट अवॉर्ड दिए गए, जबकि छह अन्य शिक्षकों को उनकी सेवाओं और योगदान के लिए प्रशंसा प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में उनकी मेहनत, समर्पण, नवाचार और स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

कटारिया ने शिक्षकों को बताया ‘साइलेंट नेशन-बिल्डर्स’

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गुलाब चंद कटारिया ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस शिक्षकों के उस अमूल्य योगदान को सम्मान देने का अवसर है, जिसके जरिए वे विद्यार्थियों, समाज और राष्ट्र के भविष्य को आकार देते हैं।

कटारिया ने शिक्षकों को ‘साइलेंट नेशन-बिल्डर्स’ यानी मौन राष्ट्र निर्माता बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भूमिका केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे बच्चों के व्यक्तित्व और सोच को विकसित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

दो शिक्षकों को विशेष सम्मान

कार्यक्रम में सेंट जोसेफ सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर-44 की प्रिंसिपल मोनिका चावला और रमेश शर्मा को विशेष सम्मान प्रदान किया गया।

इसके अलावा पिछले वर्ष राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाली परवीन कुमारी को भी सम्मानित किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों की उपलब्धियों को कार्यक्रम में विशेष रूप से रेखांकित किया गया।

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चुने गए रवि कुमार जैसवाल

गवर्नमेंट मॉडल हाई स्कूल, मलोया कॉलोनी के प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (विज्ञान) रवि कुमार जैसवाल को भी विशेष पहचान मिली। उन्हें राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए चुना गया है।

रवि कुमार जैसवाल ने शिक्षा को अधिक रोचक और अनुभवात्मक बनाने के लिए कचरे से 3D डोम थिएटर तैयार किया है। उनके इस नवाचार को विद्यार्थियों के लिए विज्ञान की अवधारणाओं को बेहतर तरीके से समझने में मददगार बताया गया।

बिंदु अरोड़ा को लाइफटाइम योगदान सम्मान

शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय तक योगदान के लिए शिक्षा विभाग की उपनिदेशक बिंदु अरोड़ा को लाइफटाइम कंट्रीब्यूशन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

यह सम्मान शिक्षा व्यवस्था में उनके लंबे योगदान और सेवाओं को मान्यता देने के रूप में दिया गया।

शिक्षक केवल पढ़ाते नहीं, भविष्य भी बनाते हैं

कार्यक्रम में शिक्षकों की भूमिका को लेकर यह संदेश सामने आया कि स्कूलों में शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने का काम नहीं करते, बल्कि बच्चों के भविष्य की नींव तैयार करते हैं।

शिक्षकों के नवाचार और समर्पण का सीधा प्रभाव विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और शिक्षा के स्तर पर पड़ता है। ऐसे में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों का सम्मान दूसरे शिक्षकों को भी नए प्रयोग और बेहतर शिक्षण पद्धतियों के लिए प्रेरित कर सकता है।

शिक्षा विभाग के अधिकारी भी रहे मौजूद

सम्मान समारोह में शिक्षा सचिव प्रेरणा पुरी, स्कूल शिक्षा निदेशक नितिन सिंगला समेत शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों के योगदान और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में उनकी भूमिका पर जोर दिया गया।

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