मोगा 28 जून 2026 : मोगा जिले के गांव कपूरे में बीती रात एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई। आवारा कुत्तों के झुंड ने एक व्यक्ति पर हमला कर उसे बुरी तरह नोच डाला, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान सरबजीत सिंह (50 वर्ष) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, सरबजीत सिंह गांव के एक जमींदार के यहां मजदूरी का काम करता था। बीती रात वह धान के खेत में पानी लगाने के बाद अपने घर लौट रहा था। घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर अंधेरे में आवारा कुत्तों के झुंड ने उन्हें घेर लिया और बुरी तरह हमला कर दिया। कुत्तों ने उन्हें इतना नोचा कि उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। आज सुबह ग्रामीणों ने धान के खेत में सरबजीत सिंह का शव क्षत-विक्षत हालत में पड़ा देखा, जिसके बाद पूरे गांव में दहशत फैल गई। मृतक अपने पीछे दो बच्चों और परिवार को छोड़ गए हैं। परिवार में अब कोई कमाने वाला नहीं बचा है। सरबजीत सिंह मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। पीड़ित परिवार ने पंजाब सरकार से आर्थिक सहायता की मांग की है।

गांव निवासी मोहिंदर पाल और गुरबख्श सिंह ने बताया कि यह गांव में आवारा कुत्तों के हमले की पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी 8 से 10 बार ऐसे हमले हो चुके हैं। 35/40 कुत्तों की ग्रुप हे उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन को शिकायतें और मांग-पत्र सौंपे, लेकिन आज तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। सुखदेव सिंह ने कहा कि इन दिनों धान की बुवाई का सीजन चल रहा है, जिसके कारण किसानों को रात के समय खेतों में पानी लगाने जाना पड़ता है। सरबजीत सिंह के साथ हुई दर्दनाक घटना के बाद गांव के लोगों में भारी डर का माहौल है। उन्होंने कहा, “अब रात को खेतों में जाने से डर लगता है। कहीं हमारे साथ भी सरबजीत सिंह जैसी घटना न हो जाए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि आवारा कुत्तों की समस्या का जल्द से जल्द स्थायी समाधान किया जाए, ताकि ग्रामीण बिना भय के अपने खेतों में काम कर सकें।

मृतक की पत्नी रमनदीप कौर ने बताया कि उनके पति सुबह घर से काम पर निकले थे। रात को खेत में पानी लगाने के बाद जब वह घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में आवारा कुत्तों के झुंड ने उन्हें घेर लिया और नोच-नोचकर उनकी हत्या कर दी। नवदीप कौर ने कहा कि उनके पति ही परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके निधन के बाद परिवार के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने सरकार से आर्थिक सहायता देने और परिवार के पालन-पोषण के लिए उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है।
