3 अगस्त, 2026 : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ आपराधिक मामला लंबित है, तब भी विभागीय जांच स्वतः नहीं रुकेगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि दोनों प्रक्रियाएं अलग-अलग उद्देश्य और कानूनी आधार पर संचालित होती हैं।
हाईकोर्ट ने कहा कि केवल आपराधिक मुकदमा लंबित होने के आधार पर विभागीय कार्रवाई पर रोक लगाना आवश्यक नहीं है। संबंधित प्राधिकरण मामले के तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर विभागीय जांच आगे बढ़ा सकता है।
दोनों प्रक्रियाएं हैं अलग
अदालत ने स्पष्ट किया कि आपराधिक मुकदमा और विभागीय जांच का उद्देश्य अलग होता है। इसलिए एक प्रक्रिया का लंबित होना दूसरी प्रक्रिया को स्वतः प्रभावित नहीं करता।
परिस्थितियों के अनुसार होगा निर्णय
हाईकोर्ट ने कहा कि प्रत्येक मामले में संबंधित प्राधिकरण को उपलब्ध तथ्यों, आरोपों की प्रकृति और कानूनी स्थिति को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेना चाहिए।
सेवा मामलों में महत्वपूर्ण फैसला
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय सेवा संबंधी मामलों में महत्वपूर्ण माना जाएगा, क्योंकि इससे विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई और आपराधिक न्यायिक प्रक्रिया के संबंध में कानूनी स्थिति और स्पष्ट हुई है।
