23 जुलाई 2026 : डेंगू की रोकथाम को लेकर आयोजित जनता नगर जागरूकता शिविर में सिविल सर्जन ने कहा कि डेंगू के खिलाफ लड़ाई में जनता का सहयोग सबसे प्रभावी हथियार है। उन्होंने लोगों से अपने घरों और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने तथा मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने की अपील की।
सिविल सर्जन ने कहा कि डेंगू की रोकथाम केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। यदि लोग नियमित रूप से पानी जमा होने वाले स्थानों की सफाई करें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, तो डेंगू के मामलों में काफी कमी लाई जा सकती है।
जागरूकता अभियान पर जोर
शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को डेंगू के लक्षण, बचाव के उपाय और समय पर उपचार के महत्व के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द और त्वचा पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
घर-घर निगरानी अभियान
स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा घर-घर जाकर कूलर, गमलों, पुराने टायरों, पानी की टंकियों और अन्य स्थानों की जांच की जा रही है, जहां पानी जमा होने से मच्छर पनप सकते हैं। लोगों को सप्ताह में कम से कम एक बार पानी के बर्तनों को खाली कर साफ करने की सलाह दी गई।
नागरिकों से की गई अपील
सिविल सर्जन ने लोगों से पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने, मच्छरदानी और मच्छररोधी उपाय अपनाने तथा आसपास स्वच्छता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि समय पर जागरूकता और सामूहिक प्रयासों से डेंगू पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने आश्वासन दिया कि डेंगू की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान, फॉगिंग, लार्वा सर्वे और निगरानी गतिविधियां लगातार जारी रहेंगी।
