9 सितंबर 2026: पंजाब के संगरूर जिले में 47 वर्षीय गुलजार सिंह की आत्महत्या को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मामले को लेकर पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के इस्तीफे और निष्पक्ष जांच की मांग की। इसके जवाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि मृत व्यक्ति की मौत पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
CM भगवंत मान ने राहुल गांधी को दिया जवाब
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर राहुल गांधी को जवाब देते हुए कहा कि उन्हें ‘लाशों पर राजनीति’ नहीं करनी चाहिए। मान ने कहा कि पंजाबी इस तरह की राजनीति पसंद नहीं करते।
मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि मामले में पुलिस ने परिवार की पहचान के आधार पर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने पंजाब में नशे के मुद्दे पर पिछली कांग्रेस और अकाली दल-भाजपा सरकारों पर भी निशाना साधा। मान ने कहा कि उनकी सरकार में किसी भी नशा तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा।
राहुल गांधी ने AAP सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
इससे पहले राहुल गांधी ने गुलजार सिंह की मौत को लेकर पंजाब सरकार पर हमला बोला था। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि गुलजार सिंह ने क्षेत्र में नशे की समस्या को लेकर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से सवाल किया था और इसके बाद कथित तौर पर उन्हें माफी मांगने के लिए दबाव बनाया गया तथा उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया।
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार का काम सवाल पूछने वाले लोगों को दबाना नहीं, बल्कि जनता के सवालों का जवाब देना है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से हरपाल सिंह चीमा का इस्तीफा मांगने और मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील की।
6 सितंबर को वित्त मंत्री से किया था सवाल
मामला संगरूर जिले के दिड़बा क्षेत्र से जुड़ा है। परिवार के अनुसार, गुलजार सिंह ने 6 सितंबर को एक कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से इलाके में नशीले पदार्थों की कथित उपलब्धता को लेकर सवाल किया था।
परिवार का आरोप है कि इसके बाद गुलजार सिंह पर माफी मांगने का दबाव बनाया गया और उनके साथ जातिसूचक टिप्पणियां की गईं। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है और इन्हें जांच के निष्कर्ष के तौर पर नहीं देखा जा सकता।
जहर खाने के बाद हुई मौत
गुलजार सिंह की उम्र 47 वर्ष बताई गई है। उनके परिवार के अनुसार, उन्होंने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया था। इसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई और इलाज के दौरान सोमवार रात उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद उनका एक कथित वीडियो भी सामने आया, जिसमें वह नशे की समस्या और अपने बेटे के नशे की चपेट में आने का जिक्र करते हुए दिखाई देते हैं। वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से राजनीतिक मुद्दा बन गया।
पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस ने गुलजार सिंह के परिवार की शिकायत के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें बलजीत सिंह, सुखदेव सिंह, विक्की सिंह, गोना सिंह और बलजिंदर कौर के नाम शामिल हैं।
इन लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
जांच के लिए SIT गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब पुलिस ने विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया है। SIT का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) रैंक के अधिकारी को सौंपा गया है।
पुलिस की जांच का उद्देश्य गुलजार सिंह की मौत से पहले की परिस्थितियों, लगाए गए आरोपों और मामले में नामजद लोगों की भूमिका की जांच करना है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
गुलजार सिंह की मौत के बाद पंजाब में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस और भाजपा ने AAP सरकार पर सवाल उठाए हैं और मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विपक्ष पर घटना को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया है। मान ने कहा कि पुलिस पहले ही आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और उनकी सरकार पंजाब से नशे के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी।
नशे का मुद्दा फिर चर्चा में
इस घटना ने पंजाब में नशे की समस्या को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। गुलजार सिंह द्वारा कथित तौर पर अपने क्षेत्र में नशीले पदार्थों की उपलब्धता को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद उनकी मौत ने कई सवाल खड़े किए हैं।
हालांकि, गुलजार सिंह की मौत और उनके द्वारा लगाए गए आरोपों के बीच संबंध तथा घटना के लिए जिम्मेदारी तय करना जांच एजेंसियों का विषय है। फिलहाल पुलिस की SIT पूरे मामले की जांच कर रही है।
