23 जुलाई 2026 : क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (CMC), लुधियाना को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) से अत्याधुनिक स्ट्रोक केयर सेंटर विकसित करने के लिए अनुदान (ग्रांट) प्राप्त हुआ है। इस परियोजना का उद्देश्य स्ट्रोक के मरीजों को समय पर, आधुनिक और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा उपचार की गुणवत्ता में सुधार लाना है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इस अनुदान की मदद से स्ट्रोक की पहचान, आपातकालीन उपचार, न्यूरोलॉजिकल देखभाल, उन्नत इमेजिंग तकनीक और पुनर्वास (रीहैबिलिटेशन) सेवाओं को एक ही केंद्र के तहत विकसित किया जाएगा। इससे मरीजों को इलाज में होने वाली देरी कम होगी और बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद है।
आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञों की सुविधा
प्रस्तावित स्ट्रोक केयर सेंटर में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण, प्रशिक्षित न्यूरोलॉजिस्ट, न्यूरोसर्जन, रेडियोलॉजिस्ट और विशेष रूप से प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ उपलब्ध रहेगा। साथ ही, मरीजों की त्वरित जांच और उपचार के लिए आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा।
शोध और प्रशिक्षण को मिलेगा बढ़ावा
आईसीएमआर की इस परियोजना के तहत स्ट्रोक से जुड़े शोध कार्यों, डेटा संग्रह और चिकित्सा प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों को नवीनतम उपचार तकनीकों का प्रशिक्षण मिलेगा और क्षेत्र में स्ट्रोक प्रबंधन की क्षमता मजबूत होगी।
पंजाब और आसपास के राज्यों को होगा लाभ
सीएमसी लुधियाना उत्तर भारत के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में से एक है। नए स्ट्रोक केयर सेंटर के शुरू होने से पंजाब के अलावा हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और आसपास के अन्य राज्यों के मरीजों को भी उन्नत चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि स्ट्रोक के मामलों में “गोल्डन ऑवर” के भीतर उपचार बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में यह नया केंद्र समय पर उपचार सुनिश्चित करने और मृत्यु दर एवं स्थायी विकलांगता के जोखिम को कम करने में अहम भूमिका निभाएगा।
