8 जुलाई 2026 : पंजाब के सीमावर्ती जिले पठानकोट में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और व्यापारिक गतिविधियों को गति देने के उद्देश्य से 12 रेलवे लेवल क्रॉसिंग को हटाने की योजना पर काम तेज कर दिया गया है। इस परियोजना के तहत विभिन्न स्थानों पर रेलवे ओवरब्रिज (ROB) और रेलवे अंडरब्रिज (RUB) का निर्माण किया जाएगा, जिससे लोगों को बार-बार रेलवे फाटक बंद होने की समस्या से राहत मिलेगी।
वर्तमान में इन रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेनों के आवागमन के दौरान लंबे समय तक फाटक बंद रहने के कारण लोगों को काफी इंतजार करना पड़ता है। इसका असर दैनिक यात्रियों, स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों, किसानों और व्यापारियों पर पड़ता है। कई बार एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं को भी जाम का सामना करना पड़ता है।
प्रस्तावित परियोजना पूरी होने के बाद शहर और आसपास के क्षेत्रों में यातायात सुगम होगा। रेलवे ओवरब्रिज और अंडरब्रिज बनने से वाहनों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी, जिससे यात्रा का समय कम होगा और ईंधन की भी बचत होगी।
व्यापारिक दृष्टि से भी इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पठानकोट पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर को जोड़ने वाला एक प्रमुख प्रवेश द्वार है। बेहतर सड़क संपर्क से माल ढुलाई तेज होगी और स्थानीय उद्योगों, कारोबारियों तथा परिवहन क्षेत्र को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि रेलवे फाटकों पर लगने वाले लंबे जाम के कारण सामान की आपूर्ति और परिवहन प्रभावित होता है। यदि सभी 12 रेलवे क्रॉसिंग पर वैकल्पिक व्यवस्था तैयार हो जाती है, तो व्यापारिक गतिविधियां अधिक सुचारु रूप से संचालित हो सकेंगी।
परियोजना से क्षेत्र के लोगों को भी दैनिक जीवन में राहत मिलेगी। स्कूल, अस्पताल और सरकारी कार्यालयों तक पहुंच आसान होगी, जबकि आपातकालीन सेवाओं की प्रतिक्रिया समय में भी सुधार आने की संभावना है। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा में भी बढ़ोतरी होगी क्योंकि लेवल क्रॉसिंग पर दुर्घटनाओं का जोखिम कम होगा।
प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा परियोजना को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की योजना बनाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी ताकि लोगों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक बुनियादी ढांचे में निवेश से न केवल यातायात व्यवस्था बेहतर होगी बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। पठानकोट जैसे रणनीतिक और व्यापारिक महत्व वाले जिले में इस प्रकार की परियोजनाएं भविष्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।
