4 सितंबर 2026 पंजाब में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान को लेकर श्री आनंदपुर साहिब से सांसद मलविंदर सिंह कंग ने गुरुवार को नवांशहर में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक जिला प्रशासनिक परिसर में वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों, स्थानीय प्रतिनिधियों तथा नशा मुक्ति मोर्चा के सदस्यों की मौजूदगी में हुई।
बैठक में जिले में नशे की रोकथाम, ड्रग हॉटस्पॉट पर कार्रवाई, नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई, नशे से प्रभावित लोगों के उपचार और पुनर्वास सहित अभियान की जमीनी स्थिति की समीक्षा की गई।
नशे के खिलाफ जमीनी स्तर पर कार्रवाई पर जोर
MP मलविंदर सिंह कंग ने कहा कि पंजाब सरकार नशे की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ नशे की गिरफ्त में आए लोगों को इलाज और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए आपसी समन्वय मजबूत करने को कहा। उनका जोर इस बात पर रहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी एजेंसियों तक सीमित न रहे, बल्कि स्थानीय लोगों की भागीदारी भी बढ़ाई जाए।
ड्रग हॉटस्पॉट पर प्राथमिकता से कार्रवाई
बैठक के दौरान कंग ने पुलिस और सिविल प्रशासन को Village Defence Committees (VDCs) की ओर से चिन्हित ड्रग हॉटस्पॉट पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में पुलिस की निगरानी और कार्रवाई को मजबूत किया जाना चाहिए, ताकि नशे की गतिविधियों पर प्रभावी तरीके से रोक लगाई जा सके। स्थानीय स्तर पर मिलने वाली सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को समय पर कार्रवाई करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया।
डेढ़ महीने में 31 आरोपी गिरफ्तार
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तुषार गुप्ता ने जिले में नशे के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले करीब डेढ़ महीने के दौरान 12 ड्रग हॉटस्पॉट क्षेत्रों से नशे से जुड़े 31 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
SSP के अनुसार, पुलिस ने नशे के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति अपनाई है और नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। जुलाई और अगस्त के दौरान भी कई मामले दर्ज किए गए हैं।
नशा मुक्ति और पुनर्वास पर भी फोकस
अभियान में केवल नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई ही नहीं, बल्कि नशे की लत से प्रभावित लोगों के इलाज और पुनर्वास को भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।
MP कंग ने कहा कि नशे की समस्या से प्रभावित लोगों को उपचार और पुनर्वास के माध्यम से सामान्य जीवन में वापस लाने के प्रयास किए जाने चाहिए। सरकार की रणनीति में नशे की सप्लाई रोकने के साथ-साथ प्रभावित लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी शामिल है।
नशा मुक्ति मोर्चा की भूमिका की सराहना
कंग ने नशा मुक्ति मोर्चा के सदस्यों की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि ये सदस्य जमीनी स्तर पर लोगों को जागरूक करने, संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी सामने लाने और पुलिस तथा प्रशासन का सहयोग करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने मोर्चा के सदस्यों से नशे के खिलाफ अभियान में और अधिक दृढ़ता के साथ काम करने की अपील की। साथ ही पुलिस, प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने की जरूरत बताई।
विधानसभा स्तर पर नियमित बैठकें करने के निर्देश
MP कंग ने अधिकारियों को विधानसभा क्षेत्र स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन बैठकों में DSPs, नशा मुक्ति मोर्चा के समन्वयकों और जनप्रतिनिधियों को शामिल किया जाना चाहिए।
इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर नशे से जुड़ी समस्याओं की पहचान करना और उनके समाधान के लिए पुलिस तथा प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल बनाना है।
लोगों से नशे की गतिविधियों की सूचना देने की अपील
बैठक में पुलिस की ओर से आम लोगों से भी नशे से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी प्रशासन और पुलिस तक पहुंचाने की अपील की गई। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले लोगों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
प्रशासन का मानना है कि नशे के खिलाफ अभियान को सफल बनाने के लिए स्थानीय लोगों का सहयोग बेहद जरूरी है। ग्रामीण और शहरी स्तर पर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी समय पर मिलने से पुलिस कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
प्रशासन ने दिखाई गंभीरता
डिप्टी कमिश्नर गुलप्रीत सिंह औलख ने बैठक में कहा कि जिला प्रशासन ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान को पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ लागू कर रहा है। उन्होंने बताया कि जमीनी स्तर पर नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने और नशे से प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे जैसे गंभीर मुद्दे पर किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
सामूहिक प्रयास से नशा मुक्त पंजाब का लक्ष्य
नवांशहर में हुई समीक्षा बैठक से यह स्पष्ट हुआ कि पंजाब सरकार नशे के खिलाफ कार्रवाई को पुलिस तक सीमित रखने के बजाय प्रशासन, स्थानीय प्रतिनिधियों और आम लोगों को भी अभियान से जोड़ने पर जोर दे रही है।
MP मलविंदर सिंह कंग ने लोगों से भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों के जरिए ही पंजाब को नशे की समस्या से मुक्त करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।
