04 सितंबर 2026 पंजाब सरकार की ओर से चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ के तहत फरीदकोट जिले में कार्रवाई तेज कर दी गई है। जिले में Safe Punjab Helpline के जरिए मिली 755 शिकायतों में पुलिस ने 339 मामले दर्ज किए हैं। वहीं, पिछले एक साल के दौरान मिली सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने जिले में 11 ड्रग हॉटस्पॉट की पहचान की है।
इन हॉटस्पॉट में छह स्थान कोटकपूरा और पांच स्थान जैतो क्षेत्र में बताए गए हैं। पंजाब के राजस्व एवं पुनर्वास मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने शुक्रवार को फरीदकोट में अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को नशे के खिलाफ कार्रवाई और तेज करने के निर्देश दिए।
Safe Punjab Helpline से मिली 755 शिकायतें
फरीदकोट जिले में नशे से संबंधित शिकायतों के लिए Safe Punjab Helpline का इस्तेमाल किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, पिछले एक साल के दौरान हेल्पलाइन पर कुल 755 शिकायतें प्राप्त हुईं।
इन शिकायतों के आधार पर पुलिस ने जांच करते हुए 339 मामले दर्ज किए। सरकार का कहना है कि लोगों से मिलने वाली सूचनाएं नशे की सप्लाई और इससे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
11 ड्रग हॉटस्पॉट की पहचान
नशे के खिलाफ अभियान की समीक्षा के दौरान जिले में कुल 11 ऐसे स्थानों की पहचान की गई, जिन्हें ड्रग हॉटस्पॉट के तौर पर चिन्हित किया गया है।
इनमें कोटकपूरा में छह और जैतो में पांच हॉटस्पॉट शामिल हैं। पुलिस की ओर से इन स्थानों पर नशा तस्करों और कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को निर्देश दिया कि जिले में चिन्हित सभी 11 हॉटस्पॉट को अगले तीन महीनों के भीतर खत्म करने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए।
लंबित मामलों की जांच समयबद्ध तरीके से करने के निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने पुलिस अधिकारियों को लंबित मामलों की जांच को भी समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने पर जोर दिया।
सरकार का उद्देश्य केवल नशा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि उन क्षेत्रों में लगातार निगरानी बढ़ाना भी है जहां नशीले पदार्थों की बिक्री या सप्लाई से संबंधित शिकायतें सामने आ रही हैं।
तीन स्तरों पर काम करने की रणनीति
मंत्री मुंडियां ने बताया कि राज्य सरकार ने नशे की समस्या से निपटने के लिए तीन स्तरों वाली रणनीति अपनाई है। इसमें नशे की सप्लाई लाइन को रोकना, लोगों के बीच जागरूकता फैलाना और नशे की लत से प्रभावित लोगों को इलाज एवं पुनर्वास के जरिए मुख्यधारा में वापस लाना शामिल है।
सरकार का दावा है कि इस अभियान के तहत इन तीनों मोर्चों पर काम किया जा रहा है।
लोगों से नशा तस्करों की सूचना देने की अपील
सरकार ने आम लोगों से भी नशा तस्करी की जानकारी पुलिस और प्रशासन तक पहुंचाने की अपील की है। इसके लिए ‘नशा मुक्त पंजाब’ ऐप और Safe Punjab Helpline का इस्तेमाल किया जा सकता है।
मंत्री ने कहा कि सूचना देने वाले लोगों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। सरकार का मानना है कि स्थानीय लोगों की भागीदारी से नशे की सप्लाई चेन पर प्रभावी तरीके से रोक लगाई जा सकती है।
समीक्षा बैठक में विधायक भी रहे मौजूद
फरीदकोट में अभियान की समीक्षा के दौरान पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां के साथ विधायक गुरदित सिंह सेखों और अमोलक सिंह भी मौजूद रहे।
बैठक में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की प्रगति, पुलिस कार्रवाई और स्थानीय स्तर पर सामने आ रही चुनौतियों पर चर्चा की गई। इसके अलावा अभियान से जुड़े ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों के विचार भी सुने गए।
हॉटस्पॉट खत्म करने पर सरकार का जोर
11 ड्रग हॉटस्पॉट की पहचान के बाद अब प्रशासन और पुलिस के सामने इन क्षेत्रों में नशे की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने की चुनौती है। सरकार ने तीन महीने की समयसीमा तय कर पुलिस को स्पष्ट लक्ष्य दिया है।
आने वाले समय में इन क्षेत्रों में की जाने वाली कार्रवाई, दर्ज मामलों की जांच और नशे की सप्लाई पर रोक लगाने के प्रयासों की समीक्षा की जाएगी।
पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान जारी
पंजाब सरकार लंबे समय से राज्य में नशे की समस्या से निपटने के लिए ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान चला रही है। फरीदकोट में 755 शिकायतों से 339 केस दर्ज होना और 11 हॉटस्पॉट की पहचान इस अभियान के तहत जिले में की जा रही कार्रवाई को दर्शाता है।
अब पुलिस को चिन्हित हॉटस्पॉट पर कार्रवाई तेज करने और अगले तीन महीनों में उन्हें खत्म करने का लक्ष्य दिया गया है।
