29 जून 2026 : पंजाब के मोहाली जिले के छत गांव के डेयरी किसान फतेह सिंह ने मेहनत, आधुनिक तकनीक और सही रणनीति के दम पर एक छोटी डेयरी यूनिट को बड़े उद्यम में बदल दिया है। कभी 50 पशुओं से शुरू हुई उनकी डेयरी आज करीब 300 पशुओं के मजबूत कारोबार में बदल चुकी है।
फतेह सिंह ने 2016 में डेयरी फार्मिंग की शुरुआत 50 पशुओं के साथ की थी, जिसमें 40 भैंस और 10 गाय शामिल थीं। शुरुआती दौर में उन्हें दूध बेचने के लिए बिचौलियों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन उन्होंने जल्द ही समझ लिया कि बेहतर गुणवत्ता, पशुओं की अच्छी नस्ल और सीधे ग्राहकों से जुड़ाव से ज्यादा लाभ कमाया जा सकता है।
बिचौलियों को छोड़ अपनाया सीधा बिक्री मॉडल
साल 2020 फतेह सिंह के लिए बदलाव का समय साबित हुआ। उन्होंने दूध को सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का फैसला किया और जिरकपुर व पंचकूला जैसे क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को दूध बेचना शुरू किया। इससे न केवल उनकी कमाई बढ़ी बल्कि ग्राहकों का भरोसा भी मजबूत हुआ।
उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन पर ध्यान दिया और कृषि विशेषज्ञों की सलाह से चयनित प्रजनन (Selective Breeding) और बेहतर पशु प्रबंधन को अपनाया। इससे उनके पशुओं की गुणवत्ता और दूध उत्पादन में सुधार हुआ।
बेहतर नस्ल और वैज्ञानिक प्रबंधन बना सफलता का आधार
फतेह सिंह ने अपने फार्म में पशुओं के रिकॉर्ड, प्रजनन प्रक्रिया और स्वास्थ्य प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया। उनका उद्देश्य केवल पशुओं की संख्या बढ़ाना नहीं था, बल्कि अच्छी गुणवत्ता वाले पशुओं का झुंड तैयार करना था।
उनके फार्म की भैंस ‘जानवी’ अपनी अधिक दूध उत्पादन क्षमता के कारण चर्चा में रही, जो लगभग 26.5 लीटर प्रतिदिन दूध देती है। वहीं ‘समर’ नामक सांड को बेहतर आनुवंशिक गुणों के लिए जाना जाता है।
कच्चे दूध से आगे बढ़कर बनाया डेयरी ब्रांड
2021 में फतेह सिंह ने ‘समर स्वीट एंड बेकरी शॉप’ की शुरुआत की। उन्होंने केवल दूध बेचने के बजाय उससे पनीर, खोया, दही, लस्सी, देसी घी और मिठाइयों जैसे उत्पाद तैयार करना शुरू किया। इससे उनकी आय के कई स्रोत बने।
आज उनका फार्म रोजाना लगभग 10 क्विंटल दूध का उत्पादन करता है। इसका एक हिस्सा डेयरी उत्पाद बनाने में इस्तेमाल होता है, जबकि बाकी दूध सीधे ग्राहकों को बेचा जाता है।
किसानों के लिए प्रेरणा बना मॉडल
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि फतेह सिंह की सफलता दिखाती है कि पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक डेयरी तकनीक, बेहतर प्रबंधन और वैल्यू एडिशन अपनाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं।
उनकी मेहनत और नवाचार के लिए उन्हें किसान मेले में मुख्यमंत्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।
फतेह सिंह की कहानी यह संदेश देती है कि छोटे स्तर से शुरू किया गया व्यवसाय भी सही योजना, तकनीकी ज्ञान और लगातार मेहनत से बड़े उद्यम में बदला जा सकता है।
