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मराठा आरक्षण को लेकर फडणवीस का बड़ा बयान, जरांगे मुंबई के लिए रवाना

15 सितंबर, 2026 महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर गर्म हो गया है। मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील अपनी मांगों को लेकर मुंबई की ओर रवाना हो गए हैं। इसी बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि सरकार ने जरांगे की लगभग सभी मांगों को पूरा किया है, लेकिन कुछ मांगें ऐसी हैं जो कानूनी और संवैधानिक प्रक्रिया के कारण सीधे पूरी नहीं की जा सकतीं।

फडणवीस बोले- सरकार ने कई मांगें पूरी कीं

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर कहा कि सरकार ने मनोज जरांगे की ओर से रखी गई ज्यादातर मांगों पर कार्रवाई की है। हालांकि, कुछ मामले अदालत या अन्य संवैधानिक प्रक्रियाओं के स्तर पर हैं।

फडणवीस ने स्पष्ट किया कि सरकार ऐसा कोई फैसला नहीं ले सकती जो मौजूदा कानून या संविधान के खिलाफ हो। उन्होंने कहा कि जिन मांगों के लिए न्यायिक या संवैधानिक रास्ता अपनाना जरूरी है, उन्हें उसी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जाएगा।

कुछ मांगें कानूनी प्रक्रिया से जुड़ी

फडणवीस के मुताबिक मराठा आरक्षण से जुड़ा कोई भी फैसला कानून और संविधान के दायरे में रहकर ही लिया जा सकता है। सरकार का कहना है कि वह ऐसी कोई व्यवस्था लागू नहीं कर सकती जिसे बाद में अदालत में चुनौती मिलने पर कानूनी आधार की कमी के कारण रोक दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार और जरांगे के बीच बातचीत के रास्ते बंद नहीं हुए हैं। सरकार का रुख है कि कानूनी रूप से संभव मांगों पर चर्चा और कार्रवाई की जा सकती है।

मनोज जरांगे मुंबई की ओर रवाना

दूसरी ओर, मनोज जरांगे पाटील ने अपना आंदोलन तेज करने का फैसला किया है। पुलिस की ओर से मुंबई में प्रस्तावित अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद जरांगे ने कहा कि वह मुंबई जाएंगे।

रिपोर्टों के मुताबिक, जरांगे 15 सितंबर को मुंबई के लिए रवाना हुए हैं। उन्होंने बड़े पैमाने पर समर्थकों को तुरंत मुंबई पहुंचने के बजाय फिलहाल अपने-अपने स्थानों पर रहने की अपील की है। उनके साथ सीमित संख्या में लोग और एंबुलेंस रहने की बात सामने आई है।

मुंबई में आंदोलन की तैयारी

मनोज जरांगे ने मुंबई के आजाद मैदान में आंदोलन करने की योजना बनाई है। उनका मुख्य मुद्दा मराठा समुदाय को कुनबी के रूप में मान्यता देने और ओबीसी श्रेणी के तहत आरक्षण का लाभ दिलाने से जुड़ा है।

जरांगे की मांग है कि पुराने रिकॉर्ड और गजट में उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर पात्र मराठाओं को कुनबी प्रमाणपत्र जारी करने के लिए सरकारी स्तर पर स्पष्ट व्यवस्था की जाए। ओबीसी समुदाय के कुछ संगठनों ने इस मांग का विरोध किया है और आशंका जताई है कि इससे उनके मौजूदा आरक्षण लाभ प्रभावित हो सकते हैं।

गणेशोत्सव के बीच प्रदर्शन पर फडणवीस की अपील

मुंबई में इस समय गणेशोत्सव का माहौल है। ऐसे में मुख्यमंत्री फडणवीस ने जरांगे से अपने मुंबई आंदोलन के फैसले पर दोबारा विचार करने की अपील की है।

फडणवीस का कहना है कि गणेशोत्सव के दौरान मुंबई में बड़ी संख्या में श्रद्धालु अलग-अलग गणेश पंडालों में पहुंचते हैं। ऐसे समय में बड़े प्रदर्शन से आम लोगों को परेशानी और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।

जरांगे बोले- मांगों के लागू होने तक संघर्ष जारी

मनोज जरांगे ने दूसरी ओर स्पष्ट किया है कि वह मराठा आरक्षण की मांग से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा है कि सरकार के साथ बातचीत का रास्ता खुला है, लेकिन केवल आश्वासन के बजाय मांगों को जमीन पर लागू करने की जरूरत है।

जरांगे का कहना है कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने समर्थकों से भी शांति बनाए रखने की अपील की है।

सरकार और आंदोलन के बीच फिर बढ़ा तनाव

मराठा आरक्षण का मुद्दा महाराष्ट्र में लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय रहा है। एक तरफ सरकार कानूनी और संवैधानिक सीमाओं के भीतर समाधान तलाशने की बात कर रही है, वहीं जरांगे तत्काल कार्रवाई की मांग पर कायम हैं।

मुंबई की ओर जरांगे के बढ़ने और गणेशोत्सव के बीच आंदोलन की तैयारी से राज्य सरकार के सामने कानून-व्यवस्था और बातचीत दोनों स्तरों पर चुनौती बढ़ गई है। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच संवाद की संभावना बनी हुई है, लेकिन आरक्षण की मुख्य मांग पर अंतिम समाधान अभी सामने नहीं आया है।

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