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महेंद्रगढ़: करोड़ों खर्च के बावजूद शुरू नहीं हुआ पशु विज्ञान केंद्र

महेंद्रगढ़ 19 जनवरी 2025 : महेंद्रगढ़-दादरी सड़क मार्ग पर स्थित गांव रिवासा में करोड़ों रूपयों की लागत से हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र बनाया गया है। जिसका हरियाणा प्रदेश के साथ-साथ राजस्थान प्रदेश सहित अन्य प्रदेशों को लाभ मिलना है लेकिन इसका उद्घाटन नहीं होने के कारण पंचायत भवन में पशु अस्पताल चल रहा है।

बता दें कि सीएम नायब सिंह सैनी द्वारा महेंद्रगढ़ क्षेत्र के लोगों को बीते 27 दिसंबर को लुवास हिसार के अधीन महेंद्रगढ़ के गांव रिवासा में लगभग बनकर तैयार खड़े पशु विज्ञान केंद्र का तोहफा देना था। लेकिन देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन को लेकर मुख्यमंत्री का दौरा स्थगित करना पड़ा था। विभाग द्वारा अपने केन्द्रों में साफ-सफाई, रंग-पेंट आदि करवाना शुरू कर दिया है। इनके शुरू होने से जहां क्षेत्र के पशुपालकों को लाभ होगा।

हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र रिवासा के भवन पर करीब 6 वर्षों में 10 करोड़ खर्च कर पशु विज्ञान केंद्र बनाया गया है। वर्ष 2016 में सीएम की घोषणा के बाद 2018 में इसका शुरू हुआ जिसका अभी करीब 10 प्रतिशत काम अधूरा छोड़ने के बाद इस पर ना तो जिम्मेदार अधिकारियों ने ध्यान दिया और ना ही सरकार ने इसे शुरू करने को लेकर कोई कदम उठाए। ऐसे में 10 करोड़ रुपए से अधिक रुपए खर्च करने के बाद भी करीब 10 एकड़ जगह में झाड़ झंखाड़ के बीच बिना खिड़की- दरवाजों के भवन ही नजर आते और गांव के पंचायत भवन में बिना सुविधाओं के रीजनल सेंटर का कार्य चलता आ रहा है। टीनशेड तक पर्याप्त नहीं होने के कारण सर्दी, बरसात, गर्मी के मौसम में बीमार पशुओं को भी खुले में रखा जाता है।

क्षेत्र के सामाजिक संगठनों व लोगों ने सरकार से भवन का निर्माण कार्य पूरा करवा कर विधिवत रूप से इसे शुरू करवाने की मांग उठाई थी। गांव रिवासा में सुविधाओं के हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र शुरू होने पर दक्षिणी हरियाणा के महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, भिवानी, रेवाड़ी, नूंह, गुरुग्राम, झज्जर के साथ-साथ राजस्थान प्रदेश के साथ लगते जिलों के पशु पालकों को इसका भरपूर लाभ मिलेगा। एक्सरे और अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं तक नहीं होने के कारण अभी पशुओं की छोटी-मोटी बीमारियों के लिए पशु पालकों को गंभीर अवस्था में लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) हिसार ले जाना पड़ता है, जिससे पशु पालकों को समय के साथ-साथ धन की भी हानि होती है।

इतना ही नहीं कई पशु पालक गंभीर बीमारियों पर वहां ले जाने में असमर्थ होते हैं उन्हें पशुओं का नुकसान भुगतना पड़ता है। विज्ञान केन्द्र में बीते दो-तीन दिनों में केन्द्र के अंदर पशु अस्पताल में दरवाजे खिड़कियां, रंग-पेंट, से संबंधित कार्य प्रगति पर चल रहे हैं। रीजनल सेंट परिसर में रोड, सीवर, लाइट कनेक्शन, मुख्य द्वार, पानी की सुविधा तथा चार दीवारी के अधूरे प्लास्ट को पूरा करवाने में भी कर्मचारी व अधिकारी तत्पर नजर आए। केन्द्र के खुले उबड़-खाबड़ मैदान में उगे झाड़- झंखाड़ की उखाड़ने व मैदान को लेवल करने के लिए दो जेसीबी लगी नजर आई। जो कार्य पूरा होने में महीनों लगते वे कार्य सीएम के आगमन तथा उनके द्वारा उद्‌घाटन किए जाने को लेकर 10 दिनों में पूरा करने के प्रयास जारी है। माना जा रहा है कि अभी सीएम पशु अस्पताल का उ‌द्घाटन करेंगे क्योंकि जो काम चल रहे हैं वे अभी पशु अस्पताल भवन में चल रहे हैं। प्रशासनिक भवन व स्टाफ क्वार्टरों का काम बजट बढ़ने के बाद होने की उम्मीद है।

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