26 अगस्त 2026 महाराष्ट्र में OBC समुदाय के मुद्दे पर एक बार फिर बड़ा आंदोलन होने की तैयारी है। इस बार आंदोलन सीधे आरक्षण की मांग को लेकर नहीं, बल्कि जातिगत जनगणना में OBC के लिए अलग कॉलम की मांग को लेकर होगा। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार और पूर्व मंत्री महादेव जानकर समेत OBC नेताओं ने राज्यव्यापी महामोर्चा निकालने का ऐलान किया है।
जातिगत जनगणना में अलग कॉलम की मांग
OBC नेताओं का कहना है कि जातिगत जनगणना में OBC की आबादी की सही संख्या सामने आनी चाहिए। इसके लिए जनगणना में OBC के लिए अलग कॉलम होना जरूरी है।
नेताओं के अनुसार, सही आंकड़े उपलब्ध होने पर ही OBC समुदाय के लिए सरकारी योजनाओं, सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व से जुड़ी नीतियां प्रभावी तरीके से बनाई जा सकती हैं।
छत्रपति संभाजीनगर में निकलेगा महामोर्चा
मुंबई के यशवंतराव चव्हाण सेंटर में हुई सकल OBC महामोर्चा की राज्यव्यापी बैठक में छत्रपति संभाजीनगर में राज्यस्तरीय महामोर्चा निकालने का फैसला लिया गया।
मोर्चे की तारीख और विस्तृत कार्यक्रम को लेकर जल्द ही बैठक कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
वडेट्टीवार और जानकर ने किया समर्थन
बैठक में कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार और पूर्व मंत्री महादेव जानकर सहित कई OBC नेता मौजूद रहे। नेताओं ने OBC समुदाय की मांगों को मजबूती से उठाने और आंदोलन को राज्यभर में विस्तार देने की बात कही।
सात सदस्यीय समिति का गठन
महामोर्चे की तैयारियों के लिए सात सदस्यीय समिति गठित की जाएगी। समिति आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने के साथ ही राज्य के अलग-अलग हिस्सों में OBC संगठनों और नेताओं से संपर्क करेगी।
सत्तापक्ष और विपक्ष के OBC सांसदों और विधायकों से भी आंदोलन में शामिल होने की अपील की जाएगी।
प्रधानमंत्री को पत्र भेजने की तैयारी
OBC नेताओं की मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजने की भी तैयारी है। नेताओं का कहना है कि OBC की जनसंख्या से संबंधित स्पष्ट आंकड़े सामने आना सामाजिक न्याय की नीतियों के लिए महत्वपूर्ण है।
आरक्षण से अलग है इस बार का मुद्दा
इस प्रस्तावित महामोर्चे की खास बात यह है कि इसका मुख्य मुद्दा आरक्षण बढ़ाना या बदलना नहीं, बल्कि जातिगत जनगणना में OBC की स्वतंत्र और स्पष्ट गणना सुनिश्चित करना है।
OBC नेताओं का तर्क है कि जब तक समुदाय की वास्तविक जनसंख्या का आंकड़ा सामने नहीं आएगा, तब तक उसके अनुपात में नीतियां और कल्याणकारी योजनाएं बनाने में कठिनाई बनी रहेगी।
महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ सकती है हलचल
OBC समुदाय की बड़ी संख्या और राज्य की राजनीति में उसके प्रभाव को देखते हुए इस आंदोलन का राजनीतिक असर भी पड़ सकता है। यदि अलग-अलग OBC संगठन और राजनीतिक दल एक मंच पर आते हैं, तो सरकार पर इस मुद्दे को लेकर दबाव बढ़ सकता है।
कुल मिलाकर, महाराष्ट्र में OBC समुदाय अब आरक्षण के बजाय जातिगत जनगणना में अलग कॉलम की मांग को लेकर महामोर्चा निकालने की तैयारी कर रहा है। छत्रपति संभाजीनगर में राज्यस्तरीय मोर्चा आयोजित किया जाएगा, जबकि इसकी तारीख और आगे की रणनीति जल्द तय की जाएगी।
