26 अगस्त 2026 हरियाणा सरकार ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए मार्जरीन को ‘बटर’ या ‘मक्खन’ के नाम से बेचने और ‘एनालॉग पनीर’ को पनीर के रूप में बेचने पर रोक लगा दी है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए बाजारों में जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
मार्जरीन को बटर बताकर नहीं बेच सकेंगे
मार्जरीन एक वसा आधारित उत्पाद है, लेकिन यह वास्तविक डेयरी बटर से अलग होता है। नए निर्देशों के तहत खाद्य कारोबारी मार्जरीन को ‘बटर’ या ‘मक्खन’ के नाम से बेचकर ग्राहकों को भ्रमित नहीं कर सकेंगे।
उत्पाद की पैकेजिंग और लेबल पर उसकी वास्तविक प्रकृति स्पष्ट रूप से बतानी होगी, ताकि उपभोक्ता सही जानकारी के आधार पर खरीदारी कर सकें।
‘एनालॉग पनीर’ को लेकर भी सख्ती
हरियाणा में एनालॉग पनीर को असली पनीर के रूप में बेचने पर भी रोक लगाई गई है। एनालॉग उत्पादों में डेयरी दूध के बजाय या उसके साथ अलग-अलग गैर-डेयरी सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है।
ऐसे उत्पादों को असली पनीर के नाम पर बेचने से उपभोक्ताओं को भ्रम हो सकता है। इसलिए खाद्य सुरक्षा विभाग को इन उत्पादों की पहचान और लेबलिंग की जांच करने को कहा गया है।
त्योहारी सीजन से पहले बढ़ी निगरानी
त्योहारी सीजन में दूध, मक्खन, पनीर और अन्य डेयरी उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। इसी दौरान मिलावट और गलत लेबलिंग की शिकायतें भी सामने आती हैं।
इसी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की ओर से बाजारों, डेयरी उत्पादों की दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है।
दुकानदारों को नियमों का पालन करने के निर्देश
खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिया गया है कि वे किसी उत्पाद की वास्तविक प्रकृति छिपाकर उसे दूसरे खाद्य पदार्थ के नाम से न बेचें। पैकेज्ड उत्पादों पर निर्धारित लेबलिंग नियमों का पालन करना भी जरूरी होगा।
नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
उपभोक्ताओं को भी सतर्क रहने की सलाह
अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे खरीदारी के समय उत्पाद का लेबल, सामग्री और नाम ध्यान से देखें। यदि किसी उत्पाद को असली मक्खन या पनीर बताकर बेचा जा रहा है, तो उसकी पैकेजिंग पर दी गई जानकारी की जांच करना जरूरी है।
कुल मिलाकर, हरियाणा में मार्जरीन को ‘बटर’ या ‘मक्खन’ के नाम से और एनालॉग उत्पादों को असली पनीर के रूप में बेचने पर सख्ती की गई है। सरकार का उद्देश्य गलत लेबलिंग पर रोक लगाना और उपभोक्ताओं को खाद्य उत्पादों की सही जानकारी उपलब्ध कराना है।
