23 अगस्त 2026 दिल्ली के मधुबन चौक पर प्रस्तावित स्काईवॉक से दो मेट्रो स्टेशनों को रोहिणी कोर्ट से जोड़ने की योजना है। इस परियोजना का उद्देश्य यात्रियों और आम लोगों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक पैदल संपर्क उपलब्ध कराना है।
दो मेट्रो स्टेशनों से जुड़ेगा रोहिणी कोर्ट
प्रस्तावित स्काईवॉक के जरिए रोहिणी कोर्ट को आसपास के दो मेट्रो स्टेशनों से जोड़ा जाएगा। इससे मेट्रो से आने वाले लोगों को व्यस्त सड़कों और चौराहों को पार किए बिना कोर्ट परिसर तक पहुंचने में सुविधा होगी।
यह परियोजना विशेष रूप से रोजाना मेट्रो से आने-जाने वाले वकीलों, कर्मचारियों, पक्षकारों और अन्य लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
सड़क पार करने की परेशानी होगी कम
मधुबन चौक दिल्ली के व्यस्त इलाकों में शामिल है। यहां पैदल यात्रियों को सड़क पार करने में परेशानी होती है और वाहनों की भारी आवाजाही के कारण दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
स्काईवॉक बनने के बाद पैदल यात्रियों को सड़क के ऊपर से सुरक्षित रास्ता उपलब्ध होगा।
यातायात व्यवस्था में भी सुधार की उम्मीद
परियोजना से पैदल यात्रियों की आवाजाही को सड़क यातायात से अलग करने में मदद मिलेगी। इससे चौराहे पर वाहनों और पैदल यात्रियों के बीच होने वाले टकराव को कम किया जा सकता है।
इसके अलावा मेट्रो स्टेशनों से रोहिणी कोर्ट तक आने-जाने वाले लोगों को अधिक सीधा और सुविधाजनक रास्ता मिलेगा।
यात्रियों को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी
दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए मेट्रो स्टेशनों और प्रमुख सार्वजनिक संस्थानों के बीच बेहतर पैदल कनेक्टिविटी जरूरी है। मधुबन चौक स्काईवॉक इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।
इससे आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी पैदल आवागमन में सुविधा मिल सकती है।
परियोजना से बढ़ेगी पैदल सुरक्षा
स्काईवॉक का सबसे बड़ा फायदा पैदल यात्रियों की सुरक्षा को माना जा रहा है। व्यस्त सड़क पर सीधे वाहन यातायात के बीच से गुजरने के बजाय लोग निर्धारित पैदल मार्ग का इस्तेमाल कर सकेंगे।
कुल मिलाकर, मधुबन चौक पर प्रस्तावित स्काईवॉक रोहिणी कोर्ट को दो मेट्रो स्टेशनों से जोड़कर दिल्ली में पैदल यात्रियों की कनेक्टिविटी और सुरक्षा बेहतर करने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है।
